स्टॉक का स्वभाव तय करे स्टॉप-लॉस
स्टॉप-लॉस का मकसद है सौदा उल्टा पड़ने पर नुकसान को न्यूनतम रखना। लेकिन इसे तय करने का कोई पक्का फॉर्मूला नहीं। हालांकि हम वही सौदे चुनते हैं जिनमें 1.5-2% घाटे की आशंका होती है। लेकिन हकीकत में स्टॉप-लॉस का स्तर अलग-अलग स्टॉक के स्वभाव पर निर्भर करता है। भावों में ज्यादा उछलकूद या वॉलैटिलिटी होती है तो उनमें इसका स्तर ज्यादा होता है। पर हम ऐसे स्टॉक्स से दूर भी रह सकते हैं। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी
सदमा नहीं, लगते रहते हैं स्टॉप-लॉस
स्टॉप-लॉस हिट हुआ तो हुआ। आपको अगले बीस साल तक बाज़ार में रहना है। इस दौरान स्टॉप-लॉस लगते रहेंगे। आपको उसकी परवाह नहीं करनी चाहिए। पैसा बना तो बना, नहीं तो बाज़ार गया तेल लेने। ज़िंदगी आगे बढ़ती रहती है। आपको इस मनोविज्ञान के साथ ट्रेडिंग करनी चाहिए। इस धारणा के साथ बाज़ार में आते हैं तो खोएंगे कुछ नहीं, पाकर जाएंगे। याद रखें, ट्रेडिंग में सफलता का पैसे से कोई लेनादेना नहीं। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
स्टॉप-लॉस जैसे जीवन बीमा खरीदना
यह समझें कि स्टॉप-लॉस एक तरह का बीमा है। हम स्टॉप-लॉस लगाते ही इस तरह हैं ताकि उसके हिट होने की नौबत न आए। लेकिन अगर खुदा न खास्ता हिट हो गया तो बड़े नुकसान से बच जाएं। दो-चार करोड़ की पॉलिसी खरीदने का मतलब यह नहीं कि हमें असमय मरना है, बल्कि यह कि अगर हम किसी आकस्मिकता में निपट लिए तो परिवार पर अचानक आर्थिक मुसीबत न आ जाए। अब समझते हैं मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी
स्टॉप-लॉस लगाने में काहे की तौहीन
ज़नाब बोले: मेरे बाप बड़े बहादुर थे। जंगल में अकेले जाकर शेर से भिड़ गए। पूछा: फिर क्या हुआ तो बोले: शेर उन्हें मारकर खा गया। शेयर बाज़ार में भी ऐसे बहादुर ‘शहीदों’ की कोई कमी नहीं। आए दिन होते रहते हैं। ऐसे लोग स्टॉप-लॉस लगाने को अपनी तौहीन समझते हैं। दरअसल, इस मानसिकता में इंसान खुद को तुर्रमखां समझता है। लेकिन बाज़ार उनकी रत्ती भर भी परवाह किए बगैर चलता जाता है। अब सोम का व्योम…औरऔर भी
निवेश में सरलता, विनम्रता ज़रूरी
कुछ बातें गले में कंठी बांधकर लटका लेनी चाहिए। जैसे, शेयर बाज़ार का निवेश अनिश्चितता से भरा है। इसमें कुछ भी हो सकता है; और क्या-क्या हो सकता है, इसकी सटीक प्रायिकता तक आप नहीं निकाल सकते। यहां सब कुछ जानने का अहंकार जिस दिन भी आपके माथे पर सवार हुआ, समझें उसी दिन से आपके अंत की शुरुआत हो गई। सरलता व विनम्रता निवेश में सफलता की प्रमुख शर्त है। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी






