बाज़ार में सौदे छिपाकर नहीं किए जाते। बैंक, बीमा या देशी-विदेशी संस्थाओं के सारे सौदे सरे-बाज़ार होते हैं। उनकी हर हरकत स्टॉक के भावों में दर्ज होती है। जिनके पास सही दृष्टि होती है, वे यह सच भावों के चार्ट पर अलग-अलग टाइमफ्रेम और गिने-चुने इंडीकेटरों की मदद से देख लेते हैं। बाकी लोग टिप्स खोजते हैं कि कौन-सा फंड, एफआईआई व बड़ा खिलाड़ी क्या खरीदने या बेचने जा रहा है। अब करते हैं शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी