हम अक्सर अपनी भूमिका भूल जाते हैं और पीर, बाबर्ची व भिश्ती सभी का काम करने लगते हैं। न भूलें कि हम शेयर बाज़ार के ट्रेडर हैं। माल/सेवा देना कंपनी का काम, उपभोक्ता तक पहुंचाना डीलर व डिस्ट्रीब्यूटर का काम। भाव इनकी ऊंच-नीच समेत सरकारी नीतियों और विदेशी बाज़ार की हलचल का सारा असर सोख चुका होता है। हमें तो थोक के भाव खरीदना और रिटेल के भाव में बेचकर मुनाफा कमाना है। अब बुध की बुद्धि…औरऔर भी