बढ़े भाव पर खरीदा तो विफलता तय
2016-12-09
बाज़ार में कोई सामान खरीदने जाते हैं तो उसे सस्ते में खरीदने की कोशिश करते हैं। दुकानदार से यह नहीं कहते कि 24,000 का यह टीवी मुझे पसंद है और मैं इसे 30,000 रुपए में खरीदने को तैयार हूं। लेकिन शेयर बाज़ार में हम ऐसा ही बेवकूफाना बर्ताव करते हैं। शेयर का भाव बढ़ जाने पर हमें तसल्ली होती है, तब हम उसे खरीदते हैं। यह ट्रेडिंग में विफलता का दूसरा कारण है। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी

