हमें धंधेबाज़ नहीं बनना है। न ही उनके जितना नीचे गिरना आम हिंदुस्तानी के लिए आसान है। हमें बुद्धत्व हासिल करने वाला ऐसा प्रोफेशनल ट्रेडर बनना है जिसे अपनी सीमाओं और वित्तीय बाज़ार के स्वरूप को लेकर किसी किस्म का कोई मुगालता न हो। हम एक बार में एक या आधा कदम ही चलें। न डरें, न दुस्साहस करें। न शिकार बनें, न किसी का शिकार करें। किताबों और व्यवहार से सीखते जाएं। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी