सालों लगते हैं भावनाओं को बांधने में
2016-09-28
सफल ट्रेडरों पर गौर करें तो उनमें से कोई भी आपको ट्रेडिंग के नुकसान पर किल्लाता हुआ नहीं मिलेगा। ऐसा नहीं कि वे दुनिया से अपनी भावनाएं छिपा ले जाते हैं, बल्कि ट्रेडिंग में घाटे पर उनकी कोई भावनात्मक प्रतिक्रिया ही नहीं होती। भावनाओं पर नियंत्रण तो बड़े-बड़े योगी तक नहीं कर पाते। फिर आखिर वे कैसे यह कमाल कर लेते हैं। जवाब है – दिनों या महीनों नहीं, सालोंसाल के अभ्यास से। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
