हर बाजार की अपनी-अपनी खासियत होती है। दिल्ली के खारी बावली, चावड़ी बाज़ार चले जाइए या मुंबई के मंगलदास मार्केट। तेल से लेकर मेटल तक की थोक दुकानों में छोटी-छोटी गद्दियों पर बैठकर लोग करोड़ों का धंधा करते हैं। उन्हें अपने बाज़ार की रत्ती-रत्ती भर की खबर होती है। डिमांड व सप्लाई का अभी का ही नहीं, आगे का भी पूरा भान होता है। क्या आपको शेयर बाज़ार का इतना भान है? अब करें शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी