बाज़ार बहता है भारत की रग-रग में
2016-08-17
भारत में बाज़ार की बेहद लंबी परंपरा रही है। जापान जहां चावल के धंधे का उस्ताद था, टेक्निकल एनालिसिस की कैंडलस्टिक करीब 270 साल पहले वहीं के राइस फ्यूचर्स से शुरू हुई थी; वहीं भारत मसालों से लेकर रुई तक के व्यापार का सरगना था। गुजरात में रुई के भाव खुलते थे और टेलिफोन जैसे साधन न होने के बावजूद चंद घंटों में सारे देश में वही भाव चलने लगते थे। अब आजमाते हैं बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

