आज सब कुछ बाज़ार के हवाले है तो माना जाता है कि सरकार नहीं, बल्कि बाज़ार को ही सारे आर्थिक संतुलन का फैसला करने देना चाहिए। चीन समाजवादी देश है तो वहां सरकार का वर्चस्व समझ में आता है। लेकिन बाज़ार अर्थव्यवस्था में गहरा यकीन रखनेवाले अमेरिका, यूरोप व जापान जैसे देशों में पूंजी के दाम या ब्याज दर का फैसला आखिर सरकार की तरफ से वहां के केंद्रीय बैंक क्यों करते हैं? अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी