एक बात हमेशा गांठ बांधकर चलनी चाहिए कि बाज़ार में हम से ज्यादा मजबूत हज़ारों खिलाड़ी हैं। कौन क्या सोच पकड़ेगा, हमें नहीं पता। हमने जितने कारक गिने हैं, उसके अलावा बहुत से कारक हो सकते हैं जिन पर हमारा ध्यान न गया हो। इतने अनजान पहलुओं के बीच हमारे अतिविश्वास का कोई फायदा नहीं। इसलिए हर सौदे में गिनकर चलना चाहिए कि दांव उल्टा पड़ जाए तो मार को न्यूनतम कैसे रखेंगे। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी