बिजनेस में टिके रहने के लिए समय के साथ चलना ज़रूरी है। जो समय के साथ नहीं चलते, वे मिट जाते हैं। डायनोसोर जैसे भीमकाय जानवर तक बदलते वक्त के साथ न चल पाने के कारण धरती से विलुप्त हो गए। इसी तरह ट्रेडिंग के तौर-तरीके फटाफट बदल रहे हैं। अगर आप कंप्यूटर के बढ़ते उपयोग के बावजूद ऑनलाइन ट्रेडिंग नहीं करते, बल्कि ब्रोकर पर निर्भर हैं तो सरासर गलत हैं। अब पकड़ते हैं मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी

वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग एक बिजनेस है तो यहां भी लागत को न्यूनतम रखते हुए मुनाफा बढ़ाने के यत्न किए जाने चाहिए। आजकल चार्टिंग सॉफ्टवेयर बेचने वाले बहुतेरे हैं। साल भर का 10-15 हज़ार रुपए लेते हैं, लेकिन उनका डेटा अक्सर अधूरा या करप्ट हो जाता है। सवाल उठता है कि बीएसई व एनएसई जब तमाम इंडीकेटरों के साथ खुद मुफ्त चार्टिंग की सुविधा देते हैं तो बाहर से खरीदने की क्या ज़रूरत? अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी