ट्रेडिंग है सट्टेबाज़ी से आगे की चीज़
2016-01-18
भविष्य की बात कौन नहीं जानता चाहता! आम जीवन में लोग इस कुतूहल को शांत कर थोड़ा आश्वस्त हो जाते हैं, जबकि शेयर बाज़ार में लोग इससे नोट बनाना चाहते हैं। लेकिन पक्की बात यह है कि भविष्य के बारे में भगवान भी कुछ पक्का नहीं कह सकता। उसको लेकर महज कयास लगाए जा सकते हैं। शेयर बाज़ार में इसे ही सट्टेबाज़ी या सटोरियापन कहते हैं। लेकिन ट्रेडिंग इससे आगे की चीज़ है। अब सोम का व्योम…औरऔर भी

