कोई शेयर चंद दिनों में 20-25% बढ़ जाए या हमने जिसे बेचा वो उसके बाद भी जमकर चढ़ जाए तो हमारा दिल मसोस कर रह जाता है। वास्तविकता यह है कि बाज़ार हर कारोबारी दिन खुलता है और ट्रेडिंग के सैकड़ों अच्छे अवसर फेंकता है। लेकिन बाज़ार के सारे अवसर हमारे नहीं हो सकते क्योंकि हमारी पूंजी और दायरा सीमित है। अपनी सीमा को समझकर आगे देखें, पीछे देखना निरर्थक है। अब आजमाते हैं बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी