डिजिटल दौर में ठौर है कंपनी का
2016-01-03
दुनिया-जहान में कुछ भी स्थाई या शाश्वत नहीं। बदलाव ही शाश्वत सच है। हमें दिखे या न दिखे, भौगोलिक परिवेश के साथ ही हमारे निजी व सामाजिक जीवन में बराबर परिवर्तन होते रहते हैं। बदलाव के साथ चलने वाली कंपनियों का ही धंधा निरंतर बढ़ता है। इधर दुनिया डिजिटल होती जा रही है। ‘डिजिटल इंडिया’ पर आगे कुछ सालों में 4.5 लाख करोड़ रुपए खर्च होने जा रहे हैं। आज तथास्तु में डिजिटल लहर पर सवार कंपनी…औरऔर भी

