कभी भी किसी के कहने में न आएं। ब्रोकरों व टेलिविज़न चैनलों पर आनेवाले एनालिस्टों पर कतई भरोसा न करें। वे सब अपना-अपना स्वार्थ पूरा करने में लगे हैं। हो सकता है कि यदाकदा उनकी किसी बात से आपका फायदा हो जाए। लेकिन यह अपवाद है, नियम नहीं। आपका भला करना उनके बिजनेस मॉडल का हिस्सा नहीं है। न्यूज़ हो तो किनारे हो लें। भावों का चार्ट ही आपका इकलौता भरोसेमंद सहारा है। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी