अमेरिका ही नहीं, यूरोप व जापान तक में नोट छापकर बाज़ार में डालने का सिलसिला चला हुआ है। ब्याज दर लगभग शून्य है। ऐसे उधार पर 2-4% सालाना रिटर्न भी मिल जाए तो निवेशकों की मौज। इसी बेहद सस्ते धन के दम पर दुनिया भर के बाज़ार चढ़े हुए हैं। सालोंसाल से अमेरिकी कंपनियों का धंधा और मुनाफा ठहरा हुआ है। फिर भी डाउ जोन्स सूचकांक ऐतिहासिक चोटी तक चला गया। अब करते हैं शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी