निवेशक तो कंपनी के बिजनेस व संभावनाओं के आकलन से लंबे सौदे पकड़ सकते हैं मगर ट्रेडरों को टेक्निकल एनालिसिस का सहारा लेना पड़ता है। लेकिन जो हो चुका है, उससे आगे जो होगा, इसका सटीक अनुमान कैसे लगाया जा सकता है? यह मुश्किल तब आसान होने लगती है जब हम बाज़ार में सक्रिय बैंकों व वित्तीय संस्थाओं के पैटर्न को समझना सीख जाते हैं। चार्ट पर देखें तो यह दिखने लगता है। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी