यह कंपनी नोट नहीं छापती, बैंक भी नहीं है। लेकिन कैश इसकी ताकत है। खास कमोडिटी के धंधे से जुड़ी है। लेकिन जिंसों के अंतरराष्ट्रीय भाव 16 साल की तलहटी पर हैं, चीन की आर्थिक सुस्ती से समूची दुनिया त्रस्त है, डंपिंग का मंडराता खतरा है, तब भी इससे कंपनी की सेहत पर कोई फर्क नहीं। फिर, सरकारी कंपनी होने के बावजूद इसने शेयरधारकों की दौलत घटाई नहीं, बढ़ाई है। तथास्तु में आज इसी कंपनी का दमखम…औरऔर भी