यहां नहीं है कोई कर्ण पिशाचिनी मंत्र
हर हाल में जीतने की अदम्य इच्छा सहज इंसानी प्रवृत्ति है। शायद इसीलिए हम ट्रेडिंग में भी अचूक मंत्र तलाशते फिरते हैं। हाल ही में एक सज्जन मिले जो इसके लिए किसी कर्ण पिशाचिनी मंत्र साधना की बात कर रहे थे। दोस्तों! मन में कहीं गहरे बैठा लें कि ट्रेडिंग में कामयाबी का कोई अचूक मंत्र नहीं है। यह विशुद्ध रूप से प्रायिकता का खेल है। इसमें 60-65% कामयाबी अभीष्टतम है। अब तलाशते हैं गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी
समझते ऊंट की करवट तो कमाते हैं
किसी भी समाज का मनोविज्ञान रातोंरात नहीं बदलता। इसकी कुछ झलक हमें वित्तीय बाज़ार में भावों व वोल्यूम के चार्ट में नज़र आती है। बाकी सारे इंडीकेटरों की गणना इन्हीं दो आंकड़ों को मिलाकर की जाती है। पहले जो हुआ है, आगे भी उसके होने की संभावना ज्यादा होती है। इसी सोच के आधार पर समझदार लोग बाज़ार की भेड़चाल को पकड़ते हैं और कभी कमाते तो कभी चूक जाते हैं। अब आजमाते हैं बुध की बुद्धि…औरऔर भी
चैनल फाइनेंस के ‘बाबाओं’ के गुलाम
निर्मल बाबा को बेनकाब हुए तीन साल हो गए। फिर भी तमाम न्यूज़ चैनल दोपहर में उनका घंटे-घंटे भर का कार्यक्रम चलाते हैं क्योंकि उन्हें विज्ञापन की कमाई से मतलब है, न कि मासूम लोगों को ठगे जाने से। हमारे बिजनेस चैनल इसी अंदाज़ में शेयर बाज़ार के ‘बाबाओं’ को पेश करते हैं। फाइनेंस की दुनिया के इन फ्रॉडों की एंकर-गण ऐसी स्तुति करते हैं, जैसे सामने साक्षात भगवान बैठे हों। अब निकालते हैं मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी
सामान्य बुद्धि, पर मिज़ाज असामान्य
बाज़ार में सफलता के लिए सामान्य बुद्धि का होना काफी है। लेकिन इसके साथ असामान्य मिज़ाज ज़रूरी है। बॉरेन बफेट की यह बात निवेश के साथ-साथ ट्रेडिंग पर भी लागू होती है। अगर आपने शांत और अनुशासित रहना अपने स्वभाव का हिस्सा बना लिया है तो आप ट्रेडिंग में आज नहीं तो कल ज़रूर कामयाब होंगे। लेकिन ज़रा-सी बात पर उछलते भड़कते रहे तो आपको डूबने से कोई नहीं बचा सकता है। अब परखें सोम का व्योम…औरऔर भी
फाइनेंस की दुनिया को लाते हैं पास
फाइनेंस की पूरी एक गोल-गोल दुनिया है जो अर्थतंत्र के पूरक का काम करती है। केंद्रीय बैंक, नोटों को छापना, मुद्रास्फीति, सरकारी खज़ाने का घाटा, सरकार व कंपनियों के कर्ज, ब्याज की दर और ऐसी तमाम छोटी-बड़ी चीजें। पर आम लोग फाइनेंस की इस दुनिया में चक्कर खा जाते हैं तो अभी तक भौतिक आस्तियों से चिपके हुए हैं। हमारी कोशिश है कि फाइनेंस की दुनिया को सुलझाकर पेश किया जाए। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी





