निवेशकों का टूटा भरोसा जुड़े तो कैसे!
2015-02-22
शेयर बाज़ार में भरोसे का भयंकर अकाल है। तमाम ब्रोकरेज़ हाउस व एनालिस्ट घनेरों सलाह देते हैं। लेकिन, वे जो कहते हैं, खुद उसका उल्टा करते हैं। उनका मकसद किसी तरह निवेशकों का शिकार करना होता है। निवेशकों की हालत यह है कि दूध का जला, छाछ भी फूंककर पीता है। ऐसे में निष्पक्ष व ईमानदार सलाह का पता लगते ही लोग उसके दीवाने हो सकते हैं। मगर, उन्हें पता तो लगे! तथास्तु में नई संभावनामय कंपनी…औरऔर भी

