हर किसी के जेहन में एक ही सवाल है; बाज़ार यहां से कहां जाएगा? इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है जब तक इसे निश्चित टाइमफ्रेम में नहीं बांधा जाता। अभी वैश्विक अर्थव्यवस्था का जो हाल है और जिस तरह रुपया डॉलर के मुकाबले कमज़ोर हो रहा है, उसमें छोटी अवधि में बाज़ार का गिरना तय है। लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था की संभावना को देखते हुए लंबी अवधि में बाज़ार का बढ़ना तय है। अब देखें गुरु का दशा-दिशा…औरऔर भी