वित्तीय प्रपत्रों की ट्रेडिंग में कोई अगर दावा करे कि भाव पक्का कहां जाएंगे तो वह या तो खुद बहुत बड़ा मूर्ख है या आपको जान-बूझकर मूर्ख बना रहा है। कारण, भावी भाव को प्रभावित करनेवाले सारे कारकों को देख पाना इंसान ही नहीं, भगवान तक के लिए असंभव है। हम गिने-चुने कारकों को ध्यान में रखकर ही गणना करते हैं। एक भी नया कारक सारा समीकरण उलट-पुलट सकता है। अब करते हैं नए सप्ताह का आगाज़…औरऔर भी