इतने बड़े बाज़ार व खिलाडियों में आम ट्रेडर की कोई औकात नहीं होती। सस्ता-मद्दा ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर और बहुत हुआ तो लाख दो लाख की पूंजी। क्या पिद्दी और क्या पिद्दी का शोरबा! वहीं लाखों के सॉफ्टवेयर, सामने बड़े-बड़े स्क्रीन और बारीक से बारीक जानकारी तक पहुंचने में सक्षम संस्थागत व प्रोफेशनल ट्रेडर। ऐसे में आम ट्रेडर इन दिग्गजों की चाल भांपने का तरीका भर सीख ले तो कमाई कर सकता है। अब पकड़ते हैं मंगल की दृष्टि…औरऔर भी