भारतीय मतदाता के दिल-दिमाग को झूठ और फरेब से भरे भावुक भाषणों से ही नहीं, कड़कते नोटों और जहरीले नशे से सम्मोहित करने का सिलसिला जारी है। चुनाव आयोग की तरफ से मिली आधिकारिक सूचना के मुताबिक 5 मार्च को आम चुनावों की घोषणा के बाद के तीन हफ्तों में देश भर से 190 करोड़ रुपए का कैश, 100 किलोग्राम हेरोइन और एक करोड़ लीटर शराब जब्त की गई है। यह सारा कुछ कारों, प्राइवेट विमानों, दूधऔरऔर भी

दशकों पहले शेयर बाज़ार ब्रोकरों का बंद क्लब हुआ करता था। 1992 में इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग आने से पहले तक वे अपनी चौपड़ी पर भाव नोट करके हल्ला मचाते थे। भाव भरोसे का खेल था। ब्रोकर जो बोले, वही भाव। लेकिन अब उनकी हर हरकत तो नहीं, लेकिन हर भाव सामने आ जाता है। मिनट-मिनट का भाव कंप्यूटर स्क्रीन पर। हमारा काम इन भावों को पकड़कर स्टॉक के पीछे की हरकत को समझना है। अब आज का ट्रेड…औरऔर भी