।।पॉल क्रुगमैन*।। हाल की आर्थिक दिक्कतों का एक सबक इतिहास की उपयोगिता के रूप में सामने आया है। इस बार का संकट जब उभर ही रहा था, तभी हार्वर्ड के दौ अर्थशास्त्रियों कारमेन राइनहार्ट और केनेथ रोगॉफ ने बड़े ही चुटीले शीर्षक – This time is different से एक जबरस्त किताब छपवाई। उनकी स्थापना थी कि संकटों के बीच काफी पारिवारिक समानता रही है। चाहे वो 1930 के दशक के हालात रहे हों, 1990 के दशक केऔरऔर भी

सौ कमाया। सौ गंवाया। रकम बराबर तो कमाने की खुशी और गंवाने का दुख बराबर होना चाहिए। लेकिन हम-आप जानते हैं कि सौ रुपए गंवाने की तकलीफ सौ रुपए कमाने की खुशी पर भारी पड़ती है। इसे निवेश की दुनिया में घाटे से बचने की मानसिकता कहते है। 100 गंवाने का दुख 200 कमाने के सुख से बराबर होता है। इसलिए स्टॉप-लॉस और लक्षित फायदे की लाइन छोटी-बड़ी होती है। मनोविज्ञान का खेल है ट्रेडिंग। अब आगे…औरऔर भी