लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने में गांधीवादी अण्णा हज़ारे पक्ष को शामिल करने के बाद सरकार को बड़ा अफसोस हो रहा है। इस मामले में सरकार के सबसे मुखर मंत्री कपिल सिब्बल ने साफ कर दिया है कि केंद्र सरकार भविष्य में इस तरह का कोई प्रयोग दोबारा नहीं करेगी। लोकपाल विधेयक मसौदा समिति के सदस्य रहे मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि विधेयक का मसौदा बनाने की कवायद में समाज (सिविल सोसायटी)औरऔर भी

आखिरकार तेल की धार बह निकली। शुक्रवार को बाजार बंद होने के कई घंटे बाद केंद्र सरकार ने हिम्मत करके डीजल के दाम 3 रुपए प्रति लीटर, केरोसिन के दाम 2 रुपए प्रति लीटर और रसोई गैस का दाम 50 रुपए प्रति सिलेंडर बढ़ा दिया। साथ ही उसने कच्चे तेल पर कस्टम ड्यूटी एकदम हटा दी, पेट्रोलियम पदार्थों पर कस्टम ड्यूटी घटा दी और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी काफी कम कर दी। केंद्र सरकार को इससे 49,000औरऔर भी

कितने सारे भ्रम हम पाले रहते हैं! औरों के बारे में भ्रम, अपने बारे में भ्रम। नेताओं के बारे में भ्रम, पक्ष के बारे में भ्रम, विपक्ष के बारे में भ्रम। भ्रमों का जाल। संशयात्मा न बनें। पर अविश्वास करना तो सीखें।  और भीऔर भी