अमेरिका ने अपने यहां चीनी की किल्लत और बढ़ते भावों को देखते चीनी आयात कोटा 1.20 लाख टन बढ़ा दिया है। इसमें से 1421 टन कच्ची चीनी का अतिरिक्त आयात भारत से किया जाएगा। अमेरिकी कृषि विभाग ने टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) योजना के तहत भारत से कच्ची चीनी के आयात के लिए यह अतिरिक्त कोटा तय किया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने एक बयान में कहा कि कृषि विभाग ने टीआरक्यू के तहत आयात कोटा बढ़ानेऔरऔर भी

चीन में 50 अरब अमेरिकी डॉलर के दवा बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए खोले जाने की तैयारी के बीच भारत ने घरेलू कंपनियों की वकालत करते हुए कहा कि वे पड़ोसी देश को सस्ती दर पर जीवन रक्षक दवा उपलब्ध कराने में सक्षम हैं। चीन में भारतीय दूतावास में व्यापार और वाणिज्य दूत के नागराज नायडू ने कहा, ‘‘चीन का दवा बाजार तेजी से बढ़ रहा है और इसका आकार 50 अरब डॉलर के करीब है।’’औरऔर भी

देश में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 11 जून को समाप्त हुए सप्ताह में बढ़कर 9.13% पर पहुंच गई। यह ढाई महीने का उच्च स्तर है। फल, दूध, प्याज और प्रोटीन-युक्त वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ी है। इससे पिछले सप्ताह में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति 8.96% थी। वहीं साल भर पहले जून, 2010 के दूसरे सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति की दर करीब 23 फीसदी थी। 26 मार्च, 2011 को समाप्त हुए सप्ताहऔरऔर भी

आम लोगों के लिए कल्याण योजनाओं का विस्तार करने के क्रम में सरकार ने घरेलू श्रमिकों को भी स्वास्थ्य बीमा के तहत लाए जाने को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में देश के पंजीकृत 47.50 लाख घरेलू श्रमिकों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना योजना के तहत लाए जाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया। इन श्रमिकों में ज्यादातर घरों में काम करनेवाली महिलाएं हैं। बैठक केऔरऔर भी

बाजार अब भी खुद को संभालने की जद्दोजहद में लगा है। सुबह की पस्ती के बाद चीते की तरह बढ़ा। निफ्टी 5330 और सेंसेक्स 17,755 तक जाकर थोड़ा नीचे आया है। इस बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) का करीब 3 फीसदी बढ़ जाना थोड़ा सुकून दे रहा है क्योंकि अंततः कंपनी को डी-6 ब्लॉक में कुछ गैस मिल गई है और भारत सरकार की तरफ से सकारात्मक बयान आए हैं। क्या इसके बाद अब आरआईएल में दूसरी बारऔरऔर भी

स्पीक एशिया का सिंगापुर में मुख्य बैंक खाता फ्रीज हो चुका है। भारत में उसका अपना कोई पक्का पता-ठिकाना है नहीं तो उसके अपने नाम में कोई बैंक खाता भी नहीं है। लेकिन आयकर विभाग ने स्पीक एशिया से एजेंट, फ्रेंचाइजी या किसी अन्य रूप में जुड़े पूरे तंत्र की जांच शुरू कर दी है। बावजूद इसके स्पीक एशिया आसानी ने भारत का धंधा छोड़ने को तैयार नहीं है और अपने लगभग 20 लाख पैनेलिस्टों को शांतऔरऔर भी

लोग कहे जा रहे हैं, कहे जा रहे हैं, लेकिन नुस्ली वाडिया की ऐतिहासिक कंपनी बॉम्बे डाईंग का शेयर मरा जा रहा है तो मरा ही जा रहा है। हमारे चक्री महाशय तो बॉम्बे डाईंग को लेकर लंबे समय से बुलिश हैं। 21 दिसंबर 2010 को उन्होंने लिखा था कि यह नए साल का ब्लॉक बस्टर साबित होगा और दिसंबर 2011 तक चार अंकों में पहुंच जाएगा। यूं तो वे 31 मार्च 2010 से ही इसे तबऔरऔर भी

जान भर लेना अपने-आप में पर्याप्त नहीं। लेकिन जानना वह कड़ी है जिससे कर्म की पूरी श्रृंखला खुलती चली जाती है। सच का ज्ञान हमें इतना बेचैन कर देता है कि हम चाहकर भी शांत नहीं बैठ सकते।और भीऔर भी