भारत में चांदी की खपत का लगभग 70 फीसदी हिस्सा आयात से पूरा किया जाता है। लेकिन लोगों की मांग व क्रयशक्ति के हिसाब से आयात की मात्रा में घट-बढ़ होती रहती है। 2008 में 5048 टन चांदी का रिकॉर्ड आयात हुआ था। 2009 में सूखे वगैरह के चलते मांग कम निकली तो आयात घटकर 1285 टन पर आ गया। 2010 में फिर आयात 136 फीसदी बढ़कर 3030 टन हो गया। इस साल जनवरी से लेकर अबऔरऔर भी

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि कलैगनर टीवी के संचालन के पीछे डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि की बेटी व राज्यसभा सांसद कनिमोई का दिमाग काम कर रहा था और वे 2जी मामले के आरोपी ए राजा को संचार मंत्री के पद पर दोबारा नियुक्त कराने के लिए बिचौलियों और अपनी पार्टी के साथ सक्रियता से लगी रही। उधर डीएमके प्रमुख करुणानिधि ने अपनी बेटी का नाम घोटाले की दूसरी चार्जशीट में शामिल करने पर नाराजगी जताई है।औरऔर भी

कैबिनेट सचिवालय ने फोन टैपिंग पर दी गई अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को या तो टेलीफोन टैपिंग के लिए अधिकृत एजेंसियों की सूची से बाहर निकाल दिया जाए या विशेष परिस्थितियों में गृह सचिव की मंजूरी लेने के बाद ही उसे इसकी इजाजत दी जाए। सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि कानून केवल कर चोरी का पता लगाने के लिए टेलीफोन टैपिंग और बातचीत की निगरानी करने की अनुमतिऔरऔर भी

इंटरनेट सुरक्षा में सेंध का एक बड़ा मामला सामने आया है। अमेरिका में बोस्टन से जारी खबर में आशंका जताई गई है कि एक हैकर सोनी के ऑनलाइन प्लेस्टेशन वीडियो गेम नेटवर्क में घुसकर करीब 7.7 करोड़ ग्राहकों की निजी सूचनाएं उड़ा ले गया है। इसमें ऐसे ग्राहकों की क्रेडिट कार्ड संबंधी सूचनाएं भी शामिल हैं। सोनी के वरिष्ठ निदेशक (कारपोरेट संचार और सोशल मीडिया) पैट्रिक सेबोल्ड ने एक ब्लॉग में लिखा है कि ‘एक अनधिकृत व्यक्ति’औरऔर भी

एक अच्छी खबर है जो पूंजी बाजार में खुशी ला सकती है। नॉर्थ ब्लॉक के मेरे सूत्रों ने बताया है कि आखिरकार वित्त मंत्रालय ने आईपीओ की लिस्टिंग के पहले दिन होनेवाले खेल पर चिंता जताई है। अमूमन लिस्टिंग के बाद शेयर धड़ाम से गिरते हैं जिससे लाखों-करोड़ों निवेशकों की पूंजी स्वाहा हो जाती है। यहां तक कि सरकार को भी अपनी कंपनियों के आईपीओ रिटेल व असली निवेशकों को बेचने में समस्या होती है। दुखद बातऔरऔर भी

कॉरपोरेट दुनिया में हालात इतनी तेजी से बदल जाते हैं कि बहुत सावधान न रहिए तो चूक हो ही जाती है। हमने 17 जून 2010 को जब बसंत कुमार बिड़ला समूह की नामी कंपनी केसोराम इंडस्ट्रीज के बारे में लिखा था, तब उसका शेयर 328.95 रुपए पर था। शेयर की बुक वैल्यू इससे ज्यादा 335.97 रुपए थी। टीटीएम ईपीएस 51.88 रुपए तो शेयर मात्र 6.3 पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा था। लगा कि बिड़ला परिवार कीऔरऔर भी

लौकिक को अलौकिक बता दो। कर्मफल को विधि का विधान बता दो। मूर्तिभंजक की मूर्तियां बना दो। सुधारक को आराध्य बना दो। इंसान को भगवान बना दो। संघर्ष की धार कुंद करने के ये पक्के सूत्र हैं।और भीऔर भी