खरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी की अगुवाई वाला रिलांयस इंडस्ट्रीज समूह अब वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उतरने की योजना बना रहा है। लेकिन वह इसके लिए गैर पारंपरिक तरीके अपना सकता है। वित्तीय सेवाओं में अभी तक मुकेश के छोटे भाई अनिल अंबानी सक्रिय हैं। बंटवारे के समय शुरूआती व्यवस्था यही थी कि कोई भाई दूसरे के कारोबारी हलके में नहीं जाएगा। लेकिन नए करार के बाद यह शर्त खत्म हो गई है। उल्लेखनीयऔरऔर भी

इंटरनेट पर विदेशी मुद्रा या फॉरेक्स में अवैध ट्रेडिंग करानेवाले पोर्टल धीरे-धीरे विलुप्त हो रहे हैं। अभी कुछ दिनों पहले तक इकनॉमिक टाइम्स से लेकर हिंदू बिजनेसलाइन जैसे तमाम प्रमुख आर्थिक अखबारों की साइट पर आईफॉरेक्स (iForex) जैसी फर्मों के आकर्षक विज्ञापन दिख जाते थे। लेकिन अब वे एक सिरे से गायब हो गए हैं। यह असर है रिजर्व बैंक द्वारा पहले 21 फरवरी और फिर 7 अप्रैल 2011 को जारी चेतावनी का। लेकिन लंबे समय सेऔरऔर भी

इनफोसिस ने भारत के बारे में धुरंधरों का नजरिया बदल दिया है। जानीमानी निवेश व ब्रोकिंग फर्म सीएलएसए और कुछ दूसरे विश्लेषकों ने भारतीय बाजार को डाउनग्रेड कर दिया है। लेकिन जान लें कि इनफोसिस में बिकवाली इसलिए नहीं हुई कि उसके नतीजे उम्मीद से कमतर थे, बल्कि इसकी कुछ दूसरी वजहें थीं। इसके फ्यूचर्स में औकात से ज्यादा कर लिए गए सौदे काटे जा रहे हैं। अभी तो हम इनफोसिस में अच्छा-खासा मूल्य देख रहे हैंऔरऔर भी

बालाजी अमीन्स स्मॉल कैप कंपनी है। बीएसई के बी ग्रुप में है। उसका कुल बाजार पूंजीकरण 162 करोड़ रुपए है। कंपनी की कुल इक्विटी 6.48 करोड़ रुपए है जो पहले 10 रुपए अंकित मूल्य के शेयरों में बंटी थी, लेकिन 18 नवंबर 2010 से इन्हें 2 रुपए अंकित मूल्य के शेयरों में बांट दिया गया है। इसका 53.88 फीसदी हिस्सा प्रवर्तकों और 46.12 फीसदी हिस्सा पब्लिक के पास है। उसका शेयर शुक्रवार को बीएसई (कोड – 530999)औरऔर भी

जहां हाथ को हाथ सुझाई नहीं देता, वैसे कुहासे व अंधेरे से घिरे भविष्य में विचार हमारे लिए जुगनू का काम करते हैं। वे खटाक से अपनी टॉर्च जलाकर हमें कम से कम कुछ दूर तक का रास्ता दिखा देते हैं।और भीऔर भी