स्टील बनाने का मुख्य कच्चा माल आइरन ओर है। लेकिन देश में स्टील का उत्पादन मांग से कम होने के बावजूद हम आइरन ओर का जमकर निर्यात करते हैं। यहां तक कि भारत दुनिया में आइरन ओर का तीसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश है। इस्पात मंत्रालय की तरफ से दी गई अद्यतन जानकारी के अनुसार अप्रैल-दिसम्‍बर 2010 के दौरान देश में 464.40 लाख टन स्टील घरेलू इस्‍तेमाल के लिए उपलब्‍ध था, जबकि इसकी मांग 518 लाख टनऔरऔर भी

देश में म्यूचुअल फंडों की संख्या बढ़ते-बढ़ते 41 पर पहुंच गई है। लेकिन इनकी आस्तियों का आधे से ज्यादा, 55 फीसदी हिस्सा पांच बड़े म्यूचुअल फंडों के पास है। मार्च 2011 तक के आंकड़ों के मुताबिक म्यूचुअल उद्योग की कुल आस्तियां (एयूएम) 7 लाख करोड़ रुपए की हैं। इसमें से 4 लाख करोड़ की आस्तियां रिलायंस म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई म्यूचुअल फंड, यूटीआई म्यूचुअल फंड और बिड़ला सनलाइफ म्यूचुअल फंड के पास हैं।और भीऔर भी

आर्थिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत, चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) एक दूसरे को अपनी स्थानीय मुद्रा में कर्ज और अनुदान के लेनदेन पर सहमत हो गए हैं। ब्रिक्स देशों के बीच इस आशय के एक समझौते में चीन के शहर सान्या में हस्ताक्षर किए गए। इस पहल को अमेरिकी मुद्रा डॉलर पर निर्भरता और उसके वर्चस्व को घटाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। समझौतेऔरऔर भी

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 7 अप्रैल को ही पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के उस आदेश पर लगाया गया स्टे उठा लिया जिसमें सहारा समूह की कंपनियों द्वारा आम जनता से धन जुटाने की मनाही की गई थी। इसका मतलब साफ हुआ कि सेबी द्वारा नवंबर 2010 में जारी आदेश लागू हो गया है और सहारा समूह की कंपनियां पब्लिक से धन नहीं जुटा सकतीं। लेकिन हिंदुस्तान टाइम्स समूह के बिजनेस अखबार, मिंट की एकऔरऔर भी

कल सुबह शुक्रवार, 15 अप्रैल को बाजार खुलने से पहले इनफोसिस टेक्नोलॉजीज के चौथी तिमाही के साथ-साथ वित्त वर्ष 2010-11 के नतीजे आ चुके होंगे। तीन तिमाहियों के नतीजे सामने हैं तो चौथी तिमाही का रहस्य खुलने का इंतजार पूरे बाजार को है। उम्मीद का जा रही है कि नतीजे सकारात्मक रूप से चौंकानेवाले होंगे। कुछ इसी उम्मीद में पिछले तीन कारोबारी सत्रों में इनफोसिस का शेयर 2.45 फीसदी बढ़ चुका है। 8 अप्रैल को इसका बंदऔरऔर भी

प्रकृति से कैसे निपटना है, यह तो हर जीव की तरह हम मां के पेट से सीखकर आते हैं। समाज से निपटने की शुरुआती सीख हमें घर-परिवार, स्कूल व परिवेश से मिलती है। फिर जंग में हम अकेले होते हैं।और भीऔर भी