चालू वित्त वर्ष 2010-11 की चौथी व आखिरी तिमाही में ज्यादा एडवांस टैक्स भरने रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे आगे है। उसने इस बार 1054 करोड़ रुपए का एडवांस टैक्स भरा है जबकि पिछले साल की चौथी तिमाही में यह 770 करोड़ रुपए था। टाटा स्टील ने इस बार 987 करोड़ का टैक्स जमा कराया है, जबकि पिछली बार यह रकम 513 करोड़ रुपए थी। कंपनियों के एडवांस टैक्स को उनकी आय का पैमाना जाता है। इसलिए लगता हैऔरऔर भी

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में रिश्वत की रकम की लेन-देन में कम से कम छह देश शामिल हैं। इस सिसलिसे में 31 कंपनियां जांच के घेरे में हैं, जिनमें से 26 कंपनियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई अपनी स्टेटस रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। यह रिपोर्ट मामले की जांच कर रही जस्टिस जी एस सिंघवी व ए के गांगुली की खंडपीठ को सौंपीऔरऔर भी

बैंकर से लेकर अर्थशास्त्री तक कहे जा रहे हैं कि रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की मध्य-तिमाही समीक्षा में ब्याज दरें बढ़ा देगा। खासकर फरवरी में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति के उम्मीद से ज्यादा 8.31 फीसदी रहने पर लगभग पक्का माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक नीतिगत दरों यानी रेपो और रिवर्स रेपो दर को 0.25 फीसदी बढ़ाकर क्रमशः 6.75 फीसदी और 5.75 फीसदी कर देगा। लेकिन सूत्रों के मुताबिक रिजर्व बैंक इस बार ऐसाऔरऔर भी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नेपाल से लाए गए दो लाख रूपये मूल्य के जाली नोटों के साथ पेशे से दर्जी दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी की मदद से दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की टीम ने सोमवार को दिल्ली के ख्याला में रहने वाले 32 साल के कौसर अली और भोला कुमार को धर दबोचा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अली बिहार केऔरऔर भी

जापान में परमाणु बिजली संयंत्रों में धमाकों के बाद हो रहे रेडियोएक्टिव विकिरण से वहां के जन-जीवन पर खतरा बढ़ता जाएगा। इससे पूरे पूर्वी एशिया की जलवायु तक बिगड़ सकती है। फिर भी यह कारण नहीं बन सकता. बाजार को छोड़कर भाग जाने का। हमेशा देखा गया है कि जब भी कोई संकट आता है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार से बेचकर निकल लेते हैं। अगर मान लें कि वे जापान से बड़े पैमाने पर निवेशऔरऔर भी

वोल्टैम्प ट्रांसफॉर्मर्स लिमिटेड (बीएसई – 532757, एनएसई – VOLTAMP) नाम के अनुरूप बिजली के ट्रांसफॉर्मर बनाती है, अलग-अलग तरह के। 1967 से इसी काम में लगी है। वडोदरा (गुजरात) में उसकी फैक्टरी है। जर्मनी की दो कंपनियों मोरा और एचटीटी के साथ उसका तकनीकी गठबंधन है। कंपनी सरकारी व अर्ध-सरकारी परियोजनाओं, राज्य बिजली बोर्डों, रिफाइनरी, उर्वरक संयंत्र, फार्मा, स्टील, कागज व सीमेंट जैसे उद्योगों को अपने उत्पाद बेचती है। एबीबी, सीमेंस व एल एंड टी जैसी इंजीनियरिंगऔरऔर भी

हम बाहरी संसार से वास्ता जितना बढ़ाते हैं, हमारा भाव संसार उतना ही बढ़ता जाता है। खुशियों और अनुभूतियों के नए सूत्र मिलते हैं। इसलिए हर नई जानकारी को लपक कर पकड़ लेना चाहिए।और भीऔर भी