भारत और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की रणनीतिक वार्ता नई दिल्ली में 6 अप्रैल को होगी जिसमें विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व करेंगी। यह घोषणा विदेश सचिव निरुपमा राव ने वॉशिंगटन में की। निरुपमा राव ने अपने तीन दिवसीय अमेरिका दौरे के समापन पर मंगलवार की शाम संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस बार बैठक 6 अप्रैल को नई दिल्ली में होगी। विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन इसके लिए भारत यात्रा करेंगी।’’ अमेरिका यात्रा पर आईंऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दावा किया है कि सरकार ने आर्थिक नीतियों में सुधार का रास्ता नहीं छोड़ा है और 2011-12 के बजट में और सुधारों की घोषणा की जाएगी। हालांकि उन्होंने महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद में पेश किए जाने में देरी के लिये विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया। प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रानिक मीडिया के संपादकों के साथ बातचीत में कहा, ‘‘नहीं, हमने सुधार नहीं छोड़ा है। मुझे उम्मीद है कि आगामी बजट में हम सुधार एजेंडे कीऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के संपादकों के साथ हुई प्रेसवार्ता में हाल में उठी हर चिंता और मुद्दों पर बेबाक राय दी है। उनकी बातों से संकेत मिलता है कि आनेवाला बजट कठोर होगा, पर लोक-लुभावन उपायों के साथ। बजट कठोर होगा प्रशासन की कमियों, कालेधन और मुद्रास्फीति जैसी समस्याओं पर, जबकि वह नरम होगा टैक्स के मोर्चे पर ताकि आम आदमी के पास मुद्रास्फीति से लड़ने के लिए ज्यादा आमदनी बचऔरऔर भी

ईसाब इंडिया ने अपना कामकाज 1987 से शुरू किया। लेकिन इसकी कहानी 1904 में स्वीडन के शहर गोथेनबर्ग से तब शुरू हुई थी जब जहाजों व बॉयलरों पर काम कर रहे एक इंजीनियर ऑस्कर केलबर्ग ने पाया कि वहां रिपेयर के काम की क्वालिटी अच्छी नहीं है। बेहतर टेक्नोलॉजी की तलाश में केलबर्ग ने दुनिया के पहले कवर्ड इलेक्ट्रोड का आविष्कार कर डाला। वहीं से पैदा हुआ ईसाब (Elektriska Svetsnings Aktie Bolaget या ESAB) समूह जो इसऔरऔर भी

हर धर्म दावा करता है कि उसकी मान्यताएं वैज्ञानिक हैं। लेकिन धर्म स्थिर है जबकि विज्ञान अपनी ही स्थापनाओं को तोड़ता बढ़ता जा रहा है। सोचिए, किसी दिन विज्ञान ही धर्म बन गया तो!और भीऔर भी