लंबे समय की बात छोड़िए, आपको तो थोड़े समय के लिए भी बाजार की दशा-दिशा को लेकर फिक्र करने की जरूरत नहीं है। अगर हम वित्त वर्ष 2011-12 के अनुमानित लाभ को आधार बनाएं तो भारतीय बाजार अभी 16 के पी/ई अनुपात पर चल रहा है जो इक्विटी मूल्यांकन के वैश्विक मापदंड से काफी नीचे है। इसलिए उन लोगों को कहने दीजिए, जो कहते हैं कि भारतीय बाजार महंगा हो चला है और इसमें अब गिरावट आनीऔरऔर भी

यह कहावत तो आप में से बहुतों से सुनी होगी कि सूप बोले तो सूप, चलनियो बोले जिसमें छप्पन हैं छेद। इसी अंदाज में जिसका अघोषित नारा बन गया हो कि हम भ्रष्टन के भ्रष्ट हमारे, उस कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी का कहना कि भ्रष्टाचार को कतई बरदाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने रविवार को राजधानी दिल्ली में पार्टी के 83वें महाधिवेशन का उद्घाटन करते हुए कांग्रेसजनों को सादगी व मितव्ययता का पाठ पठाया। उनका कहनाऔरऔर भी

भारतवर्ष में वर्ष का अर्थ भौगोलिक खंड से है। आज भी हम भारतीय उपमहाद्वीप कहते है। पहले भी इसके भौगोलिक स्वरूप के प्रति कुछ ऐसी ही मान्यता थी जिसमें बताए गए सृष्टि के नौ भिन्न वर्षों या महाद्वीपों में से एक भारतवर्ष है। बाकी आठ वर्ष हैं – कुरु, हिरण्यमय, रम्यक, इलावृत्त, हरि, केतुमाला, भद्राशव और किन्नर। वर्ष की व्युत्पत्ति वृष् धातु से है जिसमें बौछार करने, पैदा करने और चोट करने के अर्थ हैं। एक सेऔरऔर भी

चलो! आंखें बंदकर अनंत यात्रा पर निकल जाएं। अंदर की प्रकृति को बाहर की प्रकृति से एकाकार हो जाने दें। पेड़ों की फुनगियों, पहाड़ों के छोर को छूते हुए बादलों के फाहों पर उड़ने दें। मृत्यु का अभ्यास करने दें।और भीऔर भी