चालू वित्त वर्ष 2010-11 में अप्रैल से नवंबर तक के आठ महीनों में प्रत्‍यक्ष करों से पूरे साल के लक्ष्य का 50.38% हिस्सा जुटाया जा चुका है। बजट में कुल लक्ष्य 4,30,000 लाख करोड़ है, जबकि 2,16,628 करोड़ रुपए आ चुके हैं। यह राशि पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि में मिले 1,83,822 करोड़ से 17.85% ज्यादा है। इस दौरान कॉरपोरेट टैक्स 22.30% (1,13,210 करोड़ से 1,38,461 करोड़) और निजी इनकम टैक्स 10.66% (70,278 करोड़ से 77,768औरऔर भी

सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ओएनजीसी (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन) अगले हफ्ते 16 दिसंबर को होनेवाली अपनी बोर्ड बैठक में शेयरधारकों को बोनस शेयर देने के साथ-साथ शेयर को विभाजित करने पर विचार करेगी। कंपनी ने यह सूचना मंगलवार को स्टॉक एक्सचेंजों को दी है। इसके अलावा कंपनी का निदेशक बोर्ड आगामी एफपीओ (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) से पहले विशेष लाभांश देने पर भी विचार करेगा। कंपनी का प्रस्ताव शेयरधारकों को एक के बदले एक बोनस शेयरऔरऔर भी

देश की अर्थव्यवस्था इस साल पिछले तीन सालों की सबसे ज्यादा 9 फीसदी विकास दर हासिल कर सकती है, लेकिन मुद्रास्फीति की दर साल के अंत में रिजर्व बैंक के अनुमान से काफी ज्यादा रहेगी। यही नहीं, खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति तो 19.95 फीसदी पर पहुंच सकती है। वित्त मंत्रालय ने यह अनुमान अर्थव्यवस्था के छमाही विश्लेषण में पेश किया है। मंगलवार को यह विश्लेषण रिपोर्ट वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संसद के दोनों सदनों में पेशऔरऔर भी

बाजार में अफवाहों का चक्र घूम रहा है कि पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी केतन पारेख (केपी) से जुड़े स्टॉक्स के खिलाफ आदेश सुनाने जा रही है। ऐसे स्टॉक्स में रेलिगेयर, सुज़लॉन, डीबी रीयल्टी, गोदरेज प्रॉपर्टीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस, जेएसडब्ल्यू पावर, पैंटालून, अडानी एंटरप्राइसेज, बीजीआर एनर्जी और आशापुरा माइनकेम का नाम लिया जा रहा है। बड़ी चालाकी से कोई ये सारी कहानियां प्लांट करा रहा है ताकि बाजार में भागमभाग मचे और वो अपना खेल करऔरऔर भी

होटल लीला वेंचर्स (बीएसई – 500193, एनएसई – HOTELEELA) का शेयर पिछले एक महीने में 55.60 रुपए से गिरकर साल भर के न्यूनतम स्तर 40.15 रुपए तक जा चुका है। कल यह बीएसई में 45.40 रुपए पर बंद हुआ है। अधिग्रहण के कयासों के बीच इसने 10 अक्टूबर 2010 को 58.70 रुपए पर 52 हफ्ते का शिखर बनाया था। इसका ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस 1.22 रुपए है और इसका शेयर इससे 37.12 गुना (पी/ई) अनुपातऔरऔर भी

मानव समाज कोई गेहूं का बोरा नहीं है जो चार दाने उठाकर सारे माल की गुणवत्ता तय कर दी जाए। यहां तो अंतिम आदमी भी इतना अनोखा हो सकता है कि सारे सर्वेक्षण का नतीजा ही पलट जाए।और भीऔर भी