धनतेरस पर सोना महंगा होने के बावजूद लोगों ने पारंपरिक सोच के तहत सोना खरीदा है। लेकिन इस बार चांदी के सिक्कों की खरीद जमकर हुई है। इसकी बदौलत दिल्ली में चांदी के सिक्कों का भाव उछलकर 43,000 रुपए प्रति सौ सिक्के का हो गया। व्यापारियों के मुताबिक लोगबाग यूं तो हर साल धनतेरस से लेकर दीवाली तक चांदी के बर्तन, सिक्के व अन्य साजोसामान खरीदते हैं। लेकिन इस बार सोना महंगा होने से चांदी की तरफऔरऔर भी

सरकार यूरिया से मूल्य-नियंत्रण हटाने की तरफ तेज कदमों से बढ़ रही है। बुधवार को वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और उवर्रक राज्य मंत्री श्रीकांत जेना उर्वरक उद्योग के प्रतिनिधियों से मिले। समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार इस मुलाकात के बाद उन्होंने एक पैनल बनाने का निर्णय लिया है जिसमें उर्वरक मंत्रालय, कृषि मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के शीर्ष अधिकारी शामिल रहेंगे। यह पैनल यूरिया के मूल्य से सरकारी नियंत्रण हटाने की संभाव्यता पर विचारऔरऔर भी

ब्रांड क्या है और उसकी लॉयल्टी क्या है? यह है आपकी वो छवि जो आपसे माल या सेवा लेनेवालों के दिमाग में बनती है। छोटी-छोटी बातें इसे धीरे-धीरे बनाती हैं। ऊपर से तो इसकी कोई कीमत नहीं दिखती, लेकिन बाजार इस ‘अदृश्य’ ताकत को भी आंकता है। यह ताकत आ जाए तो कामयाबी आपसे ज्यादा दूर नहीं रहती है। हम भी धीरे-धीरे अपनी योग्यता और स्टॉक चुनने की क्षमता साबित करने की दिशा में सक्रिय हैं। अर्थकामऔरऔर भी

सांघवी मूवर्स (बीएसई कोड – 530073, एनएसई कोड – SANGHVIMOV) के साथ भारी समस्या यह है कि उसके स्टॉक में ज्यादा ट्रेडिंग नहीं होती। जैसे, कल बीएसई में उसके केवल 1459 शेयरों के सौदे हुए हैं और पिछले दो हफ्ते का औसत कारोबार 4227 शेयरों का रहा है। इसी तरह एनएसई में कल इसके मात्र 2825 शेयरों में कारोबार हुआ है जिसमें से 1782 या 63.08 फीसदी शेयर ही डिलीवरी के लिए थे। बीएसई के बी ग्रुपऔरऔर भी

कोई आपकी सूरत या सीरत में अपना खुदा देखता है तो देखने दीजिए। उसे खुशफहमी है या गलतफहमी, इससे आपको क्या! हां, अगर आप उसकी अपेक्षाओं को पूरा करने की कोशिश करें तो इसमें आपका ही भला है।और भीऔर भी