अब 8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में यूलिप विवाद पर सुनवाई का कोई मतलब नहीं रह गया है क्योंकि सरकार ने इससे जुड़े चार के चार कानूनों – आरबीआई एक्ट 1934, इश्योरेंस एक्ट 1938, सेबी एक्ट 1992 और सिक्यूरिटीज कांटैक्ट रेगुलेशन एक्ट 1956 में संशोधन कर दिया है। शुक्रवार 18 जून को देर रात राष्ट्रपति की तरफ से इन संशोधनों को अध्यादेश के रूप में जारी करवा दिया गया है। जब तक संसद के दोनों सदन किसीऔरऔर भी

राजनीति में अपराध और धन के हावी होने का दोष अक्सर अनपढ़, गंवार और जाति-धर्म के दलदल में धंसी जनता पर मढ़ दिया जाता है। लेकिन यह कितना बड़ा झूठ है, यह साबित कर देता है 14 व 17 जून को दो चरणों में संपन्न हुआ राज्यसभा का चुनाव जिसमें चुनने का काम हमारे सांसद और विधायक जैसे जनप्रतिनिधि ही करते हैं। यह साबित कर देता है कि राजनीतिक पार्टियों का आलाकमान और उनके ज्यादातर नेता भाषणोंऔरऔर भी

भावनाओं की दुनिया कितनी निश्छल होती है! लेकिन दुनियावाले इन्हीं भावनाओं की तह में पैठकर हमें छलने का तर्क निकाल लेते हैं। और, ज़िंदगी  का कारोबार तो तर्क से चलता है बंधुवर, भावनाओं से नहीं।और भीऔर भी