हिंदुस्तान यूनिलीवर ने अपने शेयर 280 रुपए के मूल्य पर वापस खरीदने या बायबैक का प्रस्ताव रखा है। कनानिधि मारन ने स्पाइसजेट की 20 फीसदी इक्विटी खरीदने का ओपन ऑफर पेश किया है। इधर न्यूनतम 25 फीसदी पब्लिक होल्डिंग के अनिवार्य नियम के बाद कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने शेयरों को स्टॉक एक्सचेंजों से डीलिस्ट कराने के बारे में सोच रही हैं। आखिर क्या है यह बायबैक, ओपन ऑफर और डीलिस्टिंग? आप इनमें कैसे शिरकत कर सकते हैं?औरऔर भी

अभी हमारे शेयर बाजारों में सात गोल्ड ईटीएफ लिस्टेड हैं। इन सभी में एक यूनिट एक ग्राम सोने के समतुल्य है। लेकिन सभी के दाम अलग-अलग हैं। यहां तक कि इनमें घट-बढ़ भी अलग-अलग होती है, जबकि सोने के दाम तो समान रूप से ही बढ़ते-घटते हैं। जैसे, 16 जून 2010 को बीएसई में बेंचमार्क गोल्ड बीज़ 0.66 फीसदी बढ़कर 1838.99 रुपए, कोटक गोल्ड ईटीएफ 0.23 फीसदी बढ़कर 1830.15 रुपए, क्वांटम गोल्ड ईटीएफ 0.23 फीसदी बढ़कर 910.05औरऔर भी

कब कौन-सा शेयर क्यों बढ़ जाएगा, कोई ठीक से नहीं बता सकता है। हमारे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी एक बार ऐसी बात कह चुके हैं कि हमारा शेयर बाजार क्यों बढ़ जाता है, गिर जाता है, पता नहीं। उन्होंने यह भी कहा था कि शेयरों के बढ़ने-गिरने के इस खेल में कोई बेचता है तभी तो कोई खरीदता है। एक का घाटा दूसरे का फायदा होता है। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि दूसरे बाजारोंऔरऔर भी

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय जल्द ही गंगा ज्ञान केंद्र की स्थापना करने जा रहा है। इस केंद्र में दुनिया की सबसे बड़ी नदी की सफाई के काम से लेकर  योजनाओं और नीतियों के बारे में तमाम जानकारी मौजूद रहेगी। मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजीव गाउबा के मुताबिक इस ज्ञान केंद्र में एक ही स्थान पर प्रदूषण की स्थिति, गंदे पानी के शोधन संयंत्र और गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने की भविष्य की नीतियों के बारे में सारी जानकारीऔरऔर भी

बाजार में अगले कुछ कारोबारी सत्रों को लेकर हमारी धारणा तेजी की नहीं है। इसलिए हमने कुछ पुरानी कॉल्स को छोड़कर, जिन्हें थोड़ा समय चाहिए, बाकी सारी बकाया कॉल्स रोक दी हैं। कारण, हम बाजार में दोबारा घुसने के लिए माकूल वक्त का इंतजार करना चाहते हैं। प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) का संशोधित मसौदा बाजार के लिए वाकई बुरा है क्योंकि एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) शेयरों के सौदों पर टैक्स देना नहीं पसंद करेंगे। अभी तक एफआईआईऔरऔर भी

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) शेयरों की तरह म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए भी डीमैट खातों को जरूरी बनाने पर विचार कर रहा है। सेबी मे इस बारे में बीते मई माह में म्यूचुअल फंडों के साझा मंच एम्फी (एसोसिशयन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया) को एक पत्र भेजकर पूछा था कि क्यों न म्यूचुअल फंड निवेश को भी डीमैट एकाउंट से जोड़ दिया जाए। एम्फी को अपने सुझाव 15 जून, मंगलवार तक सेबी केऔरऔर भी

अलगोरिथम एक फ़ारसी गणितज्ञ के नाम पर आधारित पद्धति है। अब्बासी वंश के ख़लीफ़ा हारूं अर्रशीद और उसके बेटे अल मामून ने बग़दाद में एक बैतुल हिक्मा या ज्ञानालय खोला था जहां दुनिया भर के शास्त्रों का अनुवाद और नए ज्ञान का संधान किया जा रहा था। दुनिया भर के विद्वान वहां एकत्र हो गए थे। भारतीय गणित विद्या पर अल ख़ारिज़्मी नाम के एक शख़्स ने एक किताब लिखी जिसे लैटिन में अनुवाद किया गया तोऔरऔर भी

वित्त मंत्रालय ने प्रत्यक्ष कर संहिता (डायरेक्ट टैक्स कोड, डीटीसी) का संशोधित प्रारूप जारी कर दिया है। इसमें अब ज्यादा बदलाव की गुंजाइश नहीं है। जिसको भी कोई सुझाव देना हो, वे 30 जून तक directtaxescode-rev@nic.in पर मेल कर सकते हैं। अगले महीने शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में इसे विधेयक के रूप पेश किया जाएगा और पारित होने के बाद यह करीब 50 साल पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह ले लेगा। सभी लोगऔरऔर भी

क्वेंटेग्रा सोल्यूशंस आईटी कंसलटेंसी और सॉफ्टवेयर उद्योग से जुडी कंपनी है। इसका शेयर बीएसई में कल 3.74 फीसदी बढ़कर 12.75 रुपए पर बंद हुआ है। वित्त वर्ष 2009-10 में इसने 40.34 करोड़ रुपए की आय पर 18.08 करोड़ रुपए का घाटा उठाया है। लेकिन जानकारों का कहना है कि कंपनी में काफी संभावनाएं हैं। कंपनी में अभी 140 करोड़ रुपए का छिपा हुआ मूल्य है। इसलिए इस पर दांव लगाया जा सकता है। बस, अभी एक मुश्किलऔरऔर भी

हम मन ही मन तमाम टोटके करते रहते हैं। तंत्र, मंत्र, अंधविश्वास। सिक्का सीधा पड़ा तो जीतेंगे। फूल खिला तो काम हो जाएगा। ये सब कुछ और कुछ नहीं, अनिश्चितता को नाथने के हमारे मूल स्वभाव का हिस्सा हैं।और भीऔर भी