ग्रीस का संकट हमारे नीति-नियामकों को भी परेशान किए हुए है, लेकिन सभी एक स्वर से कहने में लगे हैं कि इसका भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पहले यह बात वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और वित्त सचिव अशोक चावला बोल चुके हैं। अब रिजर्व बैंक के गर्वरन डी सुब्बाराव ने भी कह दिया है कि ग्रीस संकट के चलते भारत के बाह्य क्षेत्र के सामने कोई समस्या नहीं आएगी। सुब्बाराव मंगलवार को पुणे में रिजर्व बैंकऔरऔर भी

कल मैंने लिखा कि आईएफसीआई को बेचकर मुनाफा कमा लें और आज सुबह देखा तो इसने ट्वेंटी-ट्वेंटी जैसी रफ्तार पकड़ रखी थी। असल में आईएफसीआई ऐसा भागनेवाला स्टॉक है जिसे ट्रेडर खट से पकड़ लेते हैं। कल इसके ओपन इंटरेस्ट में एक करोड़ शेयर बढ़ गए थे और मुझे अंदेशा था कि अगर बाजार नहीं गिरता तो यह 95 फीसदी की लिमिट में जा सकता था। इसीलिए मैंने मुनाफावसूली की सलाह दी थी। दरअसल, हम अपने बाजारोऔरऔर भी

कंप्यूटर पर एक की गलत दब जाने के क्या हो जाता है, इसका उदाहरण है कि आज बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के 5 लाख शेयर गलती से बिक गए। सूत्रों के मुताबिक यह गलती ब्रोकर फर्म इंडिया इंफोलाइन (आईआईएफएल) के एक डीलर से हुई है। डीलर को आईसीआईसीआई बैंक के 5 लाख शेयर बेचने थे। लेकिन गलती से बटन आरआईएल पर दब गया। और फिर क्या था, सेकंडों में चलनेवाले बाजार में बिक गए आरआईएल केऔरऔर भी

जीवन बीमा कंपनियों का धंधा चौचक चल रहा है। अप्रैल, 2010 में उन्होंने कुल 5746.33 करोड़ रुपए का प्रीमियम इकट्ठा किया है। यह रकम अप्रैल, 2009 के कुल 3601.58 करोड़ रुपए के प्रीमियम से 59.55 फीसदी अधिक है। देश में कुल 23 जीवन बीमा कंपनियां सक्रिय हैं। 22 निजी क्षेत्र की और एक एलआईसी। लेकिन अकेले एलआईसी बाकी 22 पर भारी है। अप्रैल 2010 में उसका प्रीमियम संग्रह 4173.69 करोड़ रुपए रहा है जो सारी बीमा कंपनियोंऔरऔर भी

शुक्रवार, 28 मई को बाजार बंद होने के बाद हमने कर्नाटक बैंक के बारे में लिखा था कि कैसे वह अधिग्रहण के लिए बहुत सस्ता लक्ष्य हो सकता है। तब उसका बंद भाव बीएसई में 150.75 रुपए था। कर्नाटक बैंक के बारे में ऐसी कोई सूचना या कयास किसी भी मीडिया में मैंने नहीं देखा। लेकिन सोमवार को यह शेयर बीएसई में 13.17 फीसदी बढ़कर 170.60 पर बंद हुआ। ऊपर में तो यह करीब 16.5 फीसदी बढ़करऔरऔर भी

छोटा-सा दायरा। चंद लोगों की वाहवाह। अपनी ही छवियों पर मंत्रमुग्ध। ये सब हमारे अंदर ऐसी गर्द जमाते रहते हैं कि हमें कुछ का कुछ दिखने लगता है। इसलिए दिमाग पर बराबर वाइपर चलाते रहना जरूरी है।और भीऔर भी

श्री शक्ति पेपर मिल्स ने दो दिन पहले ही अपने सालाना नतीजे घोषित किए हैं। 2009-10 में उसकी बिक्री पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 3.27 फीसदी बढ़कर 143.26 करोड़ रुपए हो गई है। लेकिन इसी दौरान उसका शुद्ध लाभ 39.98 फीसदी बढ़कर 4.64 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। शायद इन्हीं परिणामों के असर से सोमवार को उसका शेयर बीएसई में 5.45 फीसदी बढ़कर 22.25 रुपए पर बंद हुआ है। इस भाव पर भी इसका पी/ईऔरऔर भी