अक्षय तृतीया के ठीक पहले देश में सोने के भाव रिकॉर्ड ऊंचाई से थोड़ा नीचे आ गए हैं। मुंबई में 99.5 शुद्धता के सोना स्टैंडर्ड का भाव शनिवार को 110 रुपए गिरकर 18,125 रुपए प्रति दस ग्राम हो गया। शुक्रवार को यह 18,325 रुपए प्रति दस ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। इसी तरह 99.9 शुद्धता के सोने का भाव शुक्रवार के 18,415 रुपए से घटकर अब 18,305 रुपए प्रति दस ग्राम पर गया है।औरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने भरोसा जताया है कि यूलिप के अधिकार क्षेत्र को लेकर पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी और बीमा नियामक संस्था आईआरडीए (इरडा) के बीच उठा विवाद जल्दी ही सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने एक निजी बिजनेस चैनल के साथ बातचीत में यह विश्वास व्यक्त किया। वित्त मंत्री ने कहा कि मैं जानता हूं कि क्या हो रहा है, मुझे पूरा विश्वास है कि मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा। बता दें कि यूलिप (यूनिटऔरऔर भी

ईटीएफ का मतलब है एक्सचेंज ट्रेडेड फंड। ये मूलतः सूचकांक या जिंसों पर आधारित फंड होते हैं जो शेयरों की तरह स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध होते हैं और ब्रोकरों को ऑर्डर देकर या अपने डीमैट खाते से इन्हें हर दिन खरीदा-बेचा जा सकता है। दुनिया भर में ईटीएफ बहुत लोकप्रिय हैं और इनमें संस्थागत निवेशकों के लिए आम निवेशक तक अच्छा-खासा निवेश करते हैं। वहां शेयरों, ऋण प्रपत्रों और सोने ही नहीं, क्रूड ऑयल जैसे जिंसों तकऔरऔर भी

एक ही चीज कहीं सस्ती मिल रही हो तो हर किसी को लालच आ सकता है। लेकिन पूंजी बाजार के बारे में लालच हमेशा ही बुरी बला होती है। संदर्भ म्यूचुअल फंड में निवेश का है। अगर एक ही श्रेणी की दो म्यूचुअल फंड स्कीमें हैं, एक पुरानी और एक नई तो निवेशक नई स्कीम को खरीदना पसंद करता है क्योंकि उसकी यूनिटें 10 रुपए अंकित मूल्य पर ही जारी की जाती हैं, जबकि पुरानी स्कीम काऔरऔर भी

अक्षय तृतीया के मौके पर सोने व चांदी में परंपरागत खरीदारी की मांग को देखते हुए नेशनल स्पॉट एक्सचेंज (एनएसईएल) रविवार 16 मई को विशेष सत्र के लिए खुला रहेगा। निवेशक व कारोबारी सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सोने व चांदी के सौदे कर सकेंगे। एक्सचेंज की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार निवेशक व कारोबारी को आईबीएमए मान्य सोने-चांदी और उसके सिक्के विभिन्न वर्गो में प्राप्त कर सकते हैं। खुदरा निवेशक एकऔरऔर भी

बैंकिंग व फाइनेंस की दुनिया बड़ी विचित्र होती है। इसी साल 24 फरवरी को देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन ओ पी भट्ट ने कहा था कि बैंक को अगले पांच सालों में लगभग 40,000 करोड़ रुपए जुटाने की जरूरत पड़ेगी। अब वही भट्ट साहब कह रहे हैं कि बैंक के पास 40,000 करोड़ रुपए का कैश इफरात पड़ा है जिसे बैंक कहीं लगा नहीं पा रहा है। कोई कह सकता हैऔरऔर भी

छोटे थे तो मां के हाथों का स्पर्श हमें संवारता था। सुरक्षा की अभेद्य दीवार बन जाता था। इसकी गोद से उसकी गोद हम खिलखिलाते थे। बड़े होते जाते हैं, स्पर्श घटता जाता है और हम असुरक्षित होते चले जाते हैं।और भीऔर भी