हमारा कंपनी अधिनियम किसी कंपनी मे स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति के बारे में कुछ नही कहता। लेकिन लिस्टिंग समझौते के अनुच्छेद-49 के अनुसार स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध हर कंपनी को अपने बोर्ड में स्वतंत्र निदेशकों को रखना जरूरी है। फिर भी स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध 130 कंपनियों ने इस नियम का पूरी तरह पालन नहीं किया है। इसमें से 83 कंपनियां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) की हैं तो 47 कंपनियां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की। यह जानकारीऔरऔर भी

मुद्रास्फीति की दर में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया है। खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति 24 अप्रैल को खत्म हफ्ते में 16.04 फीसदी रही है, जो इसके ठीक पहले 16 अप्रैल के हफ्ते में 16.61 फीसदी थी। इस बीच केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने अनुमान जताया है कि थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर अगले तीन महीनों में घटकर 6-7 फीसदी पर आ सकती है और फिलहाल विदेश से आनेवाली पूंजीऔरऔर भी

“सिंगापुर निफ्टी सूचकांक (एसजीएक्स सीएनएक्स) 5105 पर। मंदड़िए अपने को साबित करने और दोहरी तलहटी बनाने के लिए निफ्टी को 5040 तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे। बाजार की हर डुबकी का इस्तेमाल निचले भावों पर खरीद में करें। मजबूत भरोसे के अभाव के चलते मेटल शेयरों पर चोट की जानी पक्की है।” यह वो संदेश है जो हमने गुरुवार को बाजार खुलने से पहले जारी किया था। वैसे, अगर यह इक्विटी बाजार है तो इसमें दो तरहऔरऔर भी

सेबी एक्ट 1992 के अनुच्छेद 15-ए के अनुसार अगर कोई व्यक्ति इस पूंजी नियामक संस्था की तरफ से मांगी गई जानकारी या दस्तावेज मुकर्रर तारीख पर नहीं उपलब्ध कराता तो उस पर हर दिन की देरी पर एक लाख रुपए रोजाना की दर से जुर्माना लगाया जा सकता है। इस जुर्माने की कुल रकम अधिकतम एक करोड़ रुपए हो सकती है। लेकिन जुर्माना तय करते समय सेबी का न्यायिक अधिकारी अनुच्छेद 15-जे को भी ध्यान में रखताऔरऔर भी

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी, कुमार मंगलम बिड़ला जिसके चेयरमैन हैं। बीएसई सेंसेक्स से लेकर एनएसई निफ्टी में शामिल। शेयर चल रहा है अभी 164 रुपए के आसपास। कल थोड़ा-सा बढ़ा। आज बाजार खुलते ही झट से गिर गया है। चर्चा है कि प्रमुख ब्रोकरेज हाउस एनाम सिक्यूरिटीज इसकी खरीद में जुटा हुआ है। वैसे, इस शेयर में इधर चल रही है काफी सक्रियता। ठीक एक महीने पहले 6 अप्रैल 2010 को इसने 188.20 रुपएऔरऔर भी

लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई और समय – इन चार विमाओं में सबसे बलवान है समय। हर पल बदलती दुनिया के मूल में यही है। जो कोई इस समय को साध लेता है वह अपने दौर का सिद्ध बन जाता है।और भीऔर भी