अभी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और उसकी टीमों की फ्रेंचाइजी कंपनियों के मालिकाने की गड्डमड्ड पर तस्वीर साफ नहीं हुई है कि खुद कॉरपोरेट मामलों के मंत्री सलमान खुर्शीद ने कह दिया कि रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने आईपीएल टीमों की किसी भी फ्रेंचाइची की बैलेंस शीट में कोई गड़बड़ी नहीं पाई है और किसी भी कंपनी ने किसी को स्वेट इक्विटी नहीं दी है। राजधानी दिल्ली में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) के क्षेत्रीय निदेशकों के दो दिवसीयऔरऔर भी

शेयर बाजार बुधवार, 28 अप्रैल को अच्छी-खासी गिरावट का शिकार हो गया। वजह बताई गई कि स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने ग्रीस की रेटिंग को कचरे में डाल दिया है और पुर्तगाल की रेटिंग दो पायदान नीचे कर दी है। इससे चिंता छा गई है कि यूरोप का कर्ज संकट और गहरा हो गया है। अमेरिका में गोल्डमैन सैक्स की पूछताछ से वित्तीय क्षेत्र के उलझे हुए पेंच खुलते जा रहे हैं। अमेरिका से लेकर एशियाई बाजारों कीऔरऔर भी

बाजार ने आज सुबह से ही धमाचौकड़ी दिखाई। बीएसई सेनसेक्स 310.54 अंक (1.76 फीसदी) और एनएसई निफ्टी 92.90 अंक (1.75 फीसदी) गिरकर बंद हुए। सच कहूं तो बाजार के इस रवैये को देखकर मुझे जरा-सा भी अचंभा नहीं हुआ। मेरा मानना है कि न तो पुर्तगाल और न ही ग्रीस का कोई असर भारतीय बाजार पर पड़नेवाला है। बल्कि यूरोप, चीन, अमेरिका या कोरिया में जो भी गड़बड़ होगी, वह भारत के फायदे में है। मेरे इसऔरऔर भी

पहली जुलाई 2010 के बाद से हर जीवन बीमा कंपनी को यह बताना होगा कि वह अपनी यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस पॉलिसी (यूलिप) में एजेंट को कितना कमीशन दे रही है। बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए ने मंगलवार को दोपहर बाद सभी जीवन बीमा कंपनियों के प्रमुख अधिकारियों (सीईओ) को भेजे गए सर्कुलर में कहा है, “कमीशन का उल्लेख उसी इलस्ट्रेशन में करना होगा जिसे ग्राहक को यूलिप बेचते समय एजेंट द्वारा देना अनिवार्य है।” यह सर्कुलर आईआरडीए केऔरऔर भी