देश के सभी बैंक अब जन सेवा केंद्रों (कॉमन सर्विस सेंटर या सीएससी) को अपना बिजनेस करेंसपॉन्डेंट या प्रतिनिधि (बीसी) बना सकते हैं। इस साल 20 अप्रैल को पेश मौद्रिक नीति में रिजर्व बैंक ने कहा था कि मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत बैंक व्यक्तियों की कुछ चुनिंदा श्रेणियों को ही बीसी बना सकते हैं। इस दायरे को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव है कि बैंकों को सीएससी चलानेवाले व्यक्तियों समेत किसी भी बीसी बनाने की इजाजत दे दीऔरऔर भी

एचबी एस्टेट डेवलपर्स हरियाणा की कंपनी है। नाम के अनुरूप इसका धंधा है। सोमवार को इसके शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में न बढ़े, न घटे। 73.30 रुपए तक उठने के बाद आखिर में शुक्रवार के बंद भाव 68.80 रुपए पर ही आकर टिक गए। बाजार में जरबदस्त चर्चा है कि एक जानामाना बड़ा ब्रोकरेज हाउस इसे खरीदने में लगा हुआ है। दूसरे, कुछ ट्रेडर्स ने इसमें शॉर्ट सेलिंग कर रखी है। कल यानी मंगलवार को वे इसेऔरऔर भी

आज लिखने को बहुत कुछ नहीं है। बाजार में बढ़त दर्ज की गई है। लेकिन सब लस्मट-पस्टम ही था क्योंकि रोलओवर चल रहा है। मेटल क्षेत्र के शेयरों के अलावा बाकी कहीं कोई चमक नहीं दिखी। मेटल शेयरों में शुक्रवार को करेक्शन आ चुका था, इसलिए आज रोलओवर के दौरान उनमें सुधार का सिलसिला चला। हालांकि बी ग्रुप के शेयरों में सक्रियता साफ नजर आई। जेवीएल, एनकेआई, एडसर्व, हरियाणा शिप ब्रेक, केईडब्ल्यू, वारेन टी, एलनेट, पीबीएम पॉलिटेक्सऔरऔर भी

नौकरीपेशा परिवारों की पढ़ी-लिखी गृहणियां अब वित्तीय बाजार में निवेश का मोर्चा संभालने की तरफ बढ़ रही हैं। खासकर वे शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में संभल-संभलकर ही सही, निवेश करने लगी हैं। यह बात अर्थकाम के एक अनौपचारिक और छोटे से सर्वेक्षण से पता चली है। हमने मुंबई, दिल्ली व कोलकाता के अलावा बर्नपुर (पश्चिम बंगाल), लुधियाना (पंजाब), लखनऊ, गाज़ियाबाद, मेरठ व बनारस (उ.प्र.), इंदौर (म.प्र.), जयपुर (राजस्थान) के कुछ परिचित दोस्तों से बात की। इनमेंऔरऔर भी

इधर पिछले कई महीनों से मिड कैप और स्माल कैप कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग बढ़ती गई है। इसके बावजूद अब भी बाजार के कुल पूंजीकरण का करीब 70 फीसदी हिस्सा लार्ज कैप कंपनियों से आता है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में ऐसी लार्ज कैप कंपनियों की सख्या महज 77 है। दूसरी तरफ मिड कैप कंपनियों में होनेवाला कारोबार बाजार के कुल पूंजीकरण का 20 फीसदी है और ऐसी कंपनियों की संख्या 209 है। लेकिन स्मॉल कैप कंपनियोंऔरऔर भी

आईपीएल में फ्रेंचाइची के मालिकाने के स्वरूप पर उठे विवाद के बीच जो चंद कंपनियां एकदम पाक-साफ निकली हैं, उनमें से एक है चेन्नई सुपरकिंग्स की मालिक इंडिया सीमेंट्स। बॉलीवुड के किसी भी सितारे की चमक के बिना चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल-3 में अपनी विजय की पताका लहरा दी है। मुंबई इंडियंस पर इन शानदार जीत का असर बहुत संभव है कि आज इंडिया सीमेंट के शेयरों पर भी नजर आए। शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंजऔरऔर भी