हमारी पूंजी बाजार नियामक संस्था, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) लगता है मनबढ़ हो गई है। अभी वित्त मंत्रालय की मध्यस्थता में यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस पॉलिसी) पर बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए से हुई सहमति को एक दिन भी नहीं बीते हैं कि उनसे 9 अप्रैल के विवादास्पद आदेश से ही नया पंगा निकाल दिया है। उसका कहना है कि जिन 14 जीवन बीमा कंपनियों को उसने यूलिप के लिए सेबी में पंजीकरण जरूरी करने कीऔरऔर भी

ठीक एक हफ्ते बाद आज ही के दिन भारतीय रिजर्व बैंक नए वित्त वर्ष 2010-11 की सालाना मौद्रिक नीति घोषित करेगा। इसलिए वह क्या करेगा क्या नहीं, इसको लेकर कयासों का दौर तेज होने लगा है। आज वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवाओं के सचिव आर गोपालन ने कहा कि रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति थोड़ा और कठोर बना सकता है। वे राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से बात कर रहे थे। बता दें कि रिजर्व बैंक स्वायत्त नियामकऔरऔर भी

इस समय इनफोसिस के पास कैश या कैश में बदलने योग्य दौलत 15,857 करोड़ रुपए की है जो साल भर पहले के 10,993 करोड़ रुपए से 44.24 फीसदी ज्यादा है। इसमें से कैश व उसके समतुल्य रकम 12,111 करोड़ रुपए है जिसमें से कंपनी का अपना कैश व बैंक बैलेंस 9797 करोड़ रुपए का है। कंपनी ने सर्टीफिकेट ऑफ डिपॉजिट में 1190 करोड़ रुपए लगा रखे हैं जिसे कभी भी भुनाया जा सकता है। इसके अलावा उसकेऔरऔर भी

इनफोसिस ने शानदार नतीजे घोषित किए और नए वित्त वर्ष के लिए संभावनाएं भी अच्छी पेश कीं। हालांकि पहली तिमाही को लेकर कंपनी ज्यादा आशावान नहीं है। इसी के चलते बाजार कमजोरी के साथ खुला। लेकिन जल्दी ही इनफोसिस इससे उबर आया और उसमें भारी मात्रा में कारोबार हुआ। इनफोसिस के नतीजों में ऐसा कुछ खास नहीं है कि उसके स्टॉक के बारे में फिर से रेटिंग की जाए। जैसा कि मैने कल अपने कॉलम में जानकारऔरऔर भी

इस समय यूलिप जैसे नए-नए बीमा उत्पादों में जिस-जिस तरह के शुल्क होते हैं, जैसी गणनाएं होती हैं, जिस तरह का बेनिफिट चार्ट पॉलिसी बेचने से पहले ग्राहक को समझाना प़ड़ता है, उससे ये इतने जटिल हो गए हैं कि गणित के अच्छे-खासे ग्रेजुएट के लिए भी इन्हें बेच पाना मुश्किल है। लेकिन इस समय देश में इन्हें हाईस्कूल से इंटर पास लोग तक बेच सकते हैं और बेच रहे हैं। कहने को बीमा एजेंट बनने केऔरऔर भी

जनाब! जीएम बैगन को छोडि़ए। आइए अब ट्रांसजेनिक चिकन का लुत्फ उठाइए। चिकन के साथ मछली का भी स्वाद लीजिए। देश में पहली बार वैज्ञानिकों ने विभिन्न जीव जंतुओं के जीन को मुर्गे व मुर्गी में डालकर प्रयोग किया, जिसमें पहली सफलता मछली के जीन वाली मुर्गी को मिली। वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे चिकन की उत्पादकता बहुत अधिक बढ़ जाएगी। साथ ही इस ट्रांसजेनिक चिकन में एक नायाब किस्म का प्रोटीन मिलेगा, जो स्वास्थ्य केऔरऔर भी

देश की दूसरे सबसे बड़ी आईटी कंपनी इनफोसिस के चौथी तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। कंपनी ने 5 रुपए अंकित मूल्य के शेयर पर 15 रुपए का अंतिम लाशांश (डिविडेंट) देने की घोषणा की है जो प्रतिशत में 300 फीसदी बनता है। अगर इसमें अक्टूबर 2009 में घोषित 10 रुपए प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश को जोड़ दें तो साल का कुल लाभांश 25 रुपए प्रति शेयर हो जाता है। पिछले वित्त वर्ष 2008-09औरऔर भी

बाजार में सरकारी कंपनी गैल इंडिया के शेयरों में जमकर सौदे हो रहे हैं। कारोबार के पहले घंटे में ही एनएसई में इसके 6.20 लाख और बीएसई में 67 हजार शेयरों के सौदे हुए हैं। आज शेयर में खास उठान अभी तक नहीं दिखी है। पहले अनुमान था कि आज यह शेयर बढ़कर 420 रुपए के आसपास खुलेगा। मंगलवार को बीएसई में यह 411.10 रुपए और एनएसई में 410.95 रुपए पर बंद हुआ था। लेकिन फिलहाल इसकेऔरऔर भी

शिरीष खरे आज के भारत में सबसे तेजी से बढ़ता सेक्टर कौन सा है- आईटी, मोबाइल टेलेफोनी, ऑटोमोबाइल, इन्फ्रास्ट्रक्चर, आईपीएल। जहां तक मेरा ख्याल है तो भूख की रफ़्तार के आगे ये सारे सेक्टर बहुत पीछे हैं। आजादी के 62+ सालों के बाद, भारत के पास दुनिया की दूसरी सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का दावा है। हमारे पास प्राकृतिक और मानव संसाधन भरपूर मात्रा में हैं। मगर अमेरिका की कुल आबादी से कहीं अधिक भूख औरऔरऔर भी