पूर्वजों के निष्कर्ष

हमें अपने पूर्वजों द्वारा निकाले गए निष्कर्षों का नहीं, उनके जुझारूपन का कायल होना चाहिए। जब खुद वे शाश्वत नहीं रहे तो उनके निष्कर्ष कैसे शाश्वत हो सकते हैं। हां, उनका जुझारूपन जरूर शाश्वत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.