इमामी में नहीं होना कभी झंडू बाम

गणनाओं में बहुत कुछ रखा है। लेकिन गिनतियों में कुछ नहीं रखा। आज दुनिया में करोड़ों लोग बमके पड़े हैं कि वे 11/11/11 का दिन जी रहे हैं। जर्मनी में तो लोग ज्यादा ही बावले होंगे क्योंकि आज 11 बजकर 11 मिनट पर वहां कई महीनों चलनेवाला कार्निवाल शुरू होगा तो उनके लिए पूरा क्रम 11/11/11/11/11 का बन गया है। लेकिन यह भी चक्र का एक दिन है जो जैसा आया है, वैसे ही चला जाएगा। फिर भी मानने में क्या हर्ज है! तो हम भी कहते हैं कि आज 11 नवंबर 2011 को जो स्टॉक हम आपको निवेश के लिए सुझा रहे हैं वो 11 महीनों में कम से कम 11 फीसदी का रिटर्न देकर जाएगा।

यह है चार देशी एफएमसीजी (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) कंपनियों – डाबर, गोदरेज कंज्यूमर, मौरिको और इमामी में से एक। इन सबके विज्ञापन बराबर आप देखते होंगे। जी हां, यह स्टॉक है इमामी लिमिटेड। इसका एक रुपए अंकित मूल्य का शेयर बुधवार, 9 नवंबर को बीएसई (कोड – 531162) में 1.42 फीसदी बढ़कर 428.70 रुपए और एनएसई (कोड – EMAMILTD) में 2.09 फीसदी बढ़कर 430.60 रुपए पर बंद हुआ है। एनएसई व बीएसई के भाव में 1.90 रुपए का अंतर! विदेश में इस तरह के आर्बिट्रेज से जमकर कमाई होती है। लेकिन भारत में इसके बारे में एक परिचित बुजुर्ग निवेशक का कहना है कि जिसके पास पहले से ऐसी कंपनी के शेयर हों, वे इसका फायदा उठा सकते हैं। एनएसई में बेच दें और बीएसई में खरीद लें। एक हजार शेयरों का सौदा उन्हें एक दिन में 1900 रुपए का फायदा करा सकता है जिसमें से 10 फीसदी शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स कटने के बाद भी 1710 रुपए का फायदा होगा।

खैर, अब एक्सिस समूह का हिस्सा बन चुकी एनम सिक्यूरिटीज ने 26 अगस्त 2011 की अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में कहा था कि इमामी लिमिटेड का शेयर 475 रुपए तक जाएगा। तब यह 457 रुपए पर चल रहा था। लेकिन तब से गिरता-गिरता महीने भर में 426 रुपए, दो महीने में 408 रुपए पर आ गया। इस दरम्यान 5 अक्टूबर को यह नीचे में 392 रुपए तक भी चला गया। हो सकता है कि इस गिरावट की वजह यह रही हो कि बाजार को आभास हो गया हो कि कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे अच्छे नहीं रहने जा रहे।

कंपनी ने इसी हफ्ते सोमवार को सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। इनके मुताबिक कंपनी की स्टैंड-एलोन बिक्री साल भर पहले की तुलना में 13.22 फीसदी बढ़कर 296.90 करोड़ रुपए हो गई है, लेकिन शुद्ध लाभ 11.74 फीसदी घटकर 50.01 करोड़ रुपए पर आ गया। कंसोलिडेटेड आधार पर बिक्री 310.43 करोड़ और शुद्ध लाभ 50.64 करोड़ रुपए था। हालांकि ठीक पिछली जून 2011 की तिमाही से तुलना करें तो कंपनी की बिक्री 3.32 फीसदी और शुद्ध लाभ 25.53 फीसदी बढ़ा है।

स्टैंड-एलोन आधार पर इमामी लिमिटेड का टीटीएम ईपीएस (ठीक पिछले बारह महीनों का प्रति शेयर शुद्ध लाभ) इस समय 14.77 रुपए और कंसोलिडेटेड आधार पर 15.35 रुपए है। इस तरह अकेले दम पर इसका शेयर 29.03 और समेकित आधार पर 27.63 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। वहीं अकेले दम पर इस समय गोदरेज कंज्यूमर 35.61, डाबर 35.36 और मैरिको 33.16 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। समेकित आधार पर गोदरेज कंज्यूमर 27.95, डाबर 28.73 और मैरिको 35.75 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। स्पष्ट है कि इमामी लिमिटेड का शेयर इस समय चारों देशी एफएमसीजी कंपनियों में सबसे सस्ता है।

बीते वित्त वर्ष 2010-11 में कंपनी ने स्टैंड-एलोन रूप से 1221.15 करोड़ रुपए की बिक्री पर 227.49 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था और उसका ईपीएस 15.03 रुपए था। आगे के बारे में एनम सिक्यूरिटीज का आकलन है कि इस साल 2011-12 में उसका ईपीएस 18 रुपए और अगले साल 23 रुपए हो जाएगा। इमामी का शेयर इस साल 12 जुलाई 2011 को 545 रुपए के शिखर पर गया था, तब उसका पी/ई अनुपात 38.38 का था। उनका 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर 313.20 रुपए का है जो उसने 10 दिसंबर 2010 को हासिल किया था। उस वक्त उसका पी/ई अनुपात 23.90 का था। इन दोनों अतियों का औसत 31.14 निकलता है। अगर हम 30 का भी पी/ई मानकर चलें तो अगले छह महीनों में यह शेयर 540 रुपए पर होना चाहिए। अगर 26.5 का पी/ई मानें तो यह शेयर 480 रुपए के आसपास होना चाहिए। और, यही हमारा लक्ष्य है। यकीन है कि कम से कम 11 फीसदी रिटर्न तो यह स्टॉक अगले कुछ महीनों में देकर ही जाएगा। हो सकता है कि ऐसा जल्दी ही हो जाए क्योंकि डुबकी लगाकर अब इसने उठने की शुरुआत कर दी है।

कोलकाता की कंपनी है। बोरोप्लस, फेयर एंड हैंडसम, हिमानी, मेंथो प्लस, फास्ट रिलीफ, नवरत्न तेल व सोनाचांदी च्यवनप्राश जैसे तीस ब्रांडों की मालिक है। अमिताभ बच्चन से लेकर शाहरुख खान, महेंद्र सिंह धोनी व करीना कपूर को विज्ञापनों के लिए खरीदने का दमखम रखती है। झंडू बाम, झंडू च्यवनप्राश व झंडू पंचारिष्ट जैसे ब्रांड भी अब इसी के हैं क्योंकि तीन साल पहले वह झंडू फार्मास्यूटिकल का अधिग्रहण कर चुकी है। कंपनी स्थानीय ब्रांडों को भी खरीदती-समेटती चलती है। कहने का मतलब यह है कि 1974 में बनी इस कंपनी में लंबे समय का निवेश करने में कोई हर्ज नहीं है।

कंपनी की कुल 15.13 करोड़ रुपए है। इसका 72.74 फीसदी हिस्सा प्रवर्तकों ने अपने पास रखा है। प्रवर्तकों ने अपनी हिस्सेदारी का 10.18 फीसदी या कंपनी की कुल इक्विटी का 7.40 फीसदी अभी गिरवी रखा हुआ है। कंपनी के 14.83 फीसदी शेयर एफआईआई और 3.19 फीसदी डीआईआई के पास हैं। इस तरह आम निवेशकों के पास उसके 9.24 फीसदी ही शेयर हैं। इसके बावजूद ए ग्रुप व बीएसई-500 में शामिल इस शेयर में लिक्विडिटी की कोई समस्या नहीं है। जब चाहें, मजे से खरीद-बेच सकते हैं। कंपनी के कुल शेयरधारकों की संख्या 15,908 है जिसमें से 14,938 (93.9%) एक लाख रुपए से कम लगानेवाले छोटे निवेशक हैं।

3 Comments

  1. zandu कंपनी की वेबसाइट क्यों नहीं है? इमामी की वेबसाइट पर भी zandu के प्रोडक्ट दिखाई नहीं देते.

  2. भगत जी, आप सही कहते हैं। इमामी ने अपनी साइट पर झंडू का लिंक तो बीच में दे रखा है। उसने संभवतः http://www.zanduayurveda.com/ नाम से झंडू के लिए अलग साइट भी बनाई थी। लेकिन या तो उसकी लापरवाही से या किसी ने बदमाशी से यह साइट हैक कर ली है। हो सकता है कि वह कंपनी से इस डोमेन नाम के लिए अलग से धन मांग रहा हो। पर झंडू के सारे उत्पाद अब इमामी के हो गए हैं, इसमें किसी संदेह की गुंजाइश नहीं है।

  3. any way 11-11-11 has become more popular than 36-24-36 ! ha ha haaaa

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