जश्न गणतंत्र का, सिसकता क्यों जनतंत्र!

गणतंत्र, संविधानप्रदत्त अधिकारों से सम्पन्न नागरिकों का देश। अंग्रेज़ों द्वारा गुलामी के दौरान मॉरीशस लेकर सूरीनाम और दूसरे देशों में बसाए भारतीय वापस लौटकर नहीं आए तो बात समझ में आती है। खाड़ी के देशों में गए कामगार वापस मुल्क नहीं लौट रहे तो वजह साफ है। लेकिन आज जिस तरह गरीब व बेरोज़गार नौजवान ठगों और बिचौलियों का शिकार बनकर भी विदेश जाने को लालायित हैं, प्रोफेशनल अपनी बिकाऊ प्रतिभा के दम पर वर्क वीज़ा हासिल कर रहे हैं और अमीर विदेशी नागरिकता खरीद रहे हैं, वो बेहद संजीदा मसला है। जो सचमुच मजबूत भारत बनाना चाहते हैं, राष्ट्र निर्माण के प्रति गंभीर हैं, जिनके अंदर सच्ची देशभक्ति है, उन्हें 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बेहद गंभीरता से चिंतन-मनन करना पड़ेगा कि देशवासियों के बीच देश से विरक्ति क्यों बढ़ रही है? राम का नाम जपकर राष्ट्र निर्माण नहीं किया जा सकता। सरकार राजनीतिक एजेंडे के लिए धार्मिक अतिवाद का इस्तेमाल कर रही है। लेकिन जिन परिवारों के बच्चे विदेश जाकर बस गए, उनके मां-बाप और परिजनों को उनकी कमी बहुत सालती है। वे सीमा पर लड़ रहे जवान नहीं कि छुट्टियों में आकर घर की रौनक बढ़ा देंगे। वे तो चले गए सालों-साल के लिए उन बूढ़े मां-बाप को बेसहारा छोड़कर जिनके लिए देश में पर्याप्त वृद्धाश्रम भी नहीं हैं। अब शुक्रवार का अभ्यास…

यह कॉलम सब्सक्राइब करनेवाले पाठकों के लिए है.
'ट्रेडिंग-बुद्ध' अर्थकाम की प्रीमियम-सेवा का हिस्सा है। इसमें शेयर बाज़ार/निफ्टी की दशा-दिशा के साथ हर कारोबारी दिन ट्रेडिंग के लिए तीन शेयर अभ्यास और एक शेयर पूरी गणना के साथ पेश किया जाता है। यह टिप्स नहीं, बल्कि स्टॉक के चयन में मदद करने की सेवा है। इसमें इंट्रा-डे नहीं, बल्कि स्विंग ट्रेड (3-5 दिन), मोमेंटम ट्रेड (10-15 दिन) या पोजिशन ट्रेड (2-3 माह) के जरिए 5-10 फीसदी कमाने की सलाह होती है। साथ में रविवार को बाज़ार के बंद रहने पर 'तथास्तु' के अंतर्गत हम अलग से किसी एक कंपनी में लंबे समय (एक साल से 5 साल) के निवेश की विस्तृत सलाह देते हैं। इस कॉलम को पूरा पढ़ने के लिए आपको यह सेवा सब्सक्राइब करनी होगी। सब्सक्राइब करने से पहले शर्तें और प्लान व भुगतान के तरीके पढ़ लें। या, सीधे यहां जाइए।
अगर आप मौजूदा सब्सक्राइबर हैं तो यहां लॉगिन करें...

Existing Users Log In
   
New User Registration
Please indicate that you agree to the Terms of Service *
captcha
*Required field