क्या कहती है बाज़ार की यह गिरावट!
जब हर तरफ मोदी सरकार का दोबारा सत्ता में आना लगभग तय माना जा रहा है, तब आखिर 3 मई के बाद से हमारा शेयर बाज़ार बराबर क्यों रपट रहा है? छह दिनों की ट्रेडिंग में निफ्टी 3.80% टूट गया। अगस्त 2011 के बाद बाज़ार केवल बारह बार इतने कम समय में इतना ज्यादा गिरा है। कहीं उसे पूर्वाभास तो नहीं हो गया कि ‘फिर एक बार, मोदी सरकार’ नहीं बनने जा रही! अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी
