बुधवार से राजधानी दिल्ली में देश भर के आर्थिक संपादकों का दो दिन का सम्मेलन शुरू हो रहा है। हर साल होनेवाले इस सम्मेलन का आयोजन पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) करता है। राष्‍ट्रीय मीडिया केंद्र में होने वाले इस सम्‍मेलन का उद्घाटन वित्‍तमंत्री प्रणव मुखर्जी करेंगे। इस सम्‍मेलन में आर्थिक मसलों से जुड़े मंत्रालयों के मंत्रियों व वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ अलग-अलग सत्र होंगे। सम्‍मेलन में आर्थिक सम्‍पादकों व पत्रकारों को सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों कीऔरऔर भी

निर्यात में नरमी और बढ़ती महंगाई के चलते व्यापार अधिशेष में तगड़ी कमी की वजह से चीन के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर तीसरी तिमाही में घटकर 9.1 फीसदी पर आ गई। यह 2010 की चौथी तिमाही के बाद से सबसे निचला स्तर है। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) ने मंगलवार को कहा कि साल की तीसरी तिमाही में चीन की जीडीपी वृद्धि दर घटकर 9.1 फीसदी पर आ गई जो दूसरी तिमाही मेंऔरऔर भी

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) को शुरू हुए चार साल हो गए हैं और इस दौरान इसके तहत कुल महज 2955 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। अब तक 1.36 लाख परियोजनाओं को मदद दी गई है और 13.16 लाख रोजगार के अवसर पैदा किए गए हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम केन्द्रीय सेक्टर की एक योजना है जिसका संचालन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) मंत्रालय करता है। राज्य व संघशासित स्तरऔरऔर भी

सोमवार को आपने यह खबर शायद देखी होगी कि बीएसई-500 में शामिल देश की 500 बड़ी कंपनियों के पास मार्च 2011 के अंत तक 4.7 लाख करोड़ रुपए का कैश था। लेकिन अगर सभी लिस्टेड कंपनियों को मिला दें तो यह आंकड़ा 11.6 लाख करोड़ रुपए का हो जाता है। यह वित्त वर्ष 2010-11 में रहे देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 48.78 लाख करोड़ रुपए का 23.78 फीसदी है। प्रमुख ब्रोकरेज फर्म एसएमसी ग्लोबल की एकऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को चिंता सता रही है कि कहीं विकास के मौजूदा ढर्रे से समाज में असंतोष न पैदा हो जाए। उन्होंने सोमवार को राजधानी दिल्ली में एशियाई विकास बैंक के एक समारोह में कहा कि व्‍यापक, समावेशी व निरंतर विकास हासिल करना बेहद जरूरी है। जो विकास समावेशी और आबादी के विभिन्‍न वर्गों के बीच समानता सुनिश्चित नहीं करता, उससे समाज में विवाद और असंतोष पैदा हो सकता है। श्री मुखर्जी ने कहा किऔरऔर भी

भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लि‍ए वि‍त्‍त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्‍यक्षता में गठि‍त मंत्री समूह (जीओएम) ने प्राकृति‍क संसाधनों के आवंटन पर चावला समि‍ति की कई सि‍फारि‍शों को मानने को कहा है। पूर्व वि‍त्‍त सचि‍व अशोक की अध्यक्षता में इस समिति का गठन जनवरी 2011 में किया गया था। समि‍ति‍ ने अपनी रि‍पोर्ट 31 मर्इ 2011 को सरकार को सौप दी थी। समि‍ति को सरकार द्वारा आवंटि‍त कि‍ए जा रहे मुख्‍य प्राकृति‍क संसाधनों की पहचान, आवंटनऔरऔर भी

अमेरिका में श्रीलंकाई मूल के अरबपति धंधेबाज राज राजारत्नम को इनसाइडर ट्रेडिंग का दोषी करार देते हुए अदालत ने जब 11 साल कैद की सजा सुनाई तो उसने राजारत्नम से पूछा कि क्या उसे अपनी सजा पर कुछ कहना है तो उसका जवाब था, “नहीं। शुक्रिया, योर ऑनर।” राजारत्नम अदालत के फैसले से मायूस भी नहीं दिखा। शायद उसे अंदाजा था कि अदालत उसे रियायत नहीं देगी। कोर्ट के बाहर निकलते ही कैमरे उसकी तरफ मुड़ गएऔरऔर भी

चालू वित्त वर्ष 2011-12 में अप्रैल से जून तक की पहली तिमाही में पूरे साल के लिए तय कृषि ऋण का 23.73 फीसदी हिस्सा बांटा जा चुका है। कृषि मंत्रालय की तरफ से दी गई ताजा जानकारी के मुताबिक 30 जून 2011 तक कुल 1,12,731 करोड़ रुपए के कृषि वितरित किए गए हैं, जबकि पूरे वित्त वर्ष का लक्ष्य 4.75 लाख करोड़ रुपए का है। बता दें कि इधर कुछ सालों से कृषि क्षेत्र को दिया गयाऔरऔर भी

हमारे वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा एक साथ तीन-तीन रोल निभा रहे हैं। वे उद्योग मंत्री भी हैं और कपड़ा मंत्री भी। उद्योग को छोड़ दें तो बाकी दो भूमिकाओं में वे बराबर कुछ न कुछ बोलते और करते रहते हैं। अब उन्होंने विदेश व्‍यापार नीति (2009-14) के तहत कपड़ा उद्योग के लिए विभिन्‍न प्रोत्‍साहनों की घोषणा कर दी है। यह क्षेत्र विश्व स्‍तर पर आर्थिक अनिश्चितता और घरेलू स्‍तर पर दबाव की दोहरी मार झेल रहा है।औरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि सूचना अधिकार कानून में कोई ढील नहीं दी जाएगी। सरकार पारदर्शिता के लिए सूचना के अधिकार को और अधिक कारगर हथियार बनाना चाहती है लेकिन वह कुछ चिंताओं पर ध्यान देने के लिहाज से उसकी गहन समीक्षा भी करना चाहती है। गौरतलब है कि सरकारी महकमे के कुछ लोग और केंद्रीय मंत्री तक इस पारदर्शिता कानून में संशोधन की मांग करते आ रहे हैं। उनका मानना है कि यहऔरऔर भी