बीमा नियामक व विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) का कोई जवाब नहीं। बीमा उद्योग के इस रेगुलेटर ने यूलिप पर जो नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, उनसे यूलिपधारकों को काफी फायदा होने की उम्मीद है। यह एक प्रकार से सबसे ज्यादा बिकनेवाले बीमा उत्पाद यूलिप की ओवरहॉलिंग हैं। इससे एजेंटो द्वारा की जा रही मिस-सेलिंग पर रोक लगेगी और पॉलिसीधारक को ज्यादा बीमा कवर भी मिलेगा। ज्यादा इंश्योरेंस: नए यूलिप ज्यादा इंश्योरेंस देनेवाले हैं। अब सभी यूलिप में मेडिकलऔरऔर भी

ज्यादातर उस्ताद यही कह रहे हैं कि बाजार आज शुक्रवार को भारी बिकवाली का शिकार हो गया। लेकिन हम इससे सहमत नहीं हैं। हमारा तो कहना है कि जब सारी दुनिया से बुरी खबरें आ रही थीं, तब भी बाजार (निफ्टी) ने खुद को 5240 अंक पर टिकाए रखा। अगले हफ्ते मेटल सेक्टर के शेयर स्टार परफॉर्मर होंगे। चाहे जो भी हो जाए, मेटल शेयरों में जल्दी ही कम से कम 25 फीसदी बढ़त होनी तय है।औरऔर भी

अगर कोई शेयरधारक साल के बीच में अपना डीमैट एकाउंट किसी डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (डीपी) के पास बंद कराके दूसरे डीपी के पास ले जाता है तो पहले डीपी को शेयरधारक से लिए गए सालाना या छमाही एकाउंट मेंटेनेंस चार्ज (एमएमसी) का बाकी तिमाही का हिस्सा लौटाना होगा। पूंजी बाजार नियामक सस्था, सेबी ने गुरुवार को एक सर्कुलर जारी कर यह निर्देश दिया है। अभी तक होता यह है कि डीपी साल या छमाही की शुरुआत में डीमैटऔरऔर भी

पानी की कीमत तो प्यासा ही जानता है। उसी तरह ज्ञान की असली जरूरत और भूख निवेशक समझता है। ट्रेडर की तुलना तो अधिक से अधिक उस बंदर की जा सकती है जो इस डाल से उस डाल, इस पेड़ से उस पेड़ पर फुदकता रहता है। वे तो उन बेचारे देहाती लोगों की तरह है जिनके पास दिन के आखिर में बस पैसा होता है और कुछ नहीं। सेरा, एस्ट्रा, एलएमएल, गिलैंडर… और क्या चाहिए हमेंऔरऔर भी

एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स में आज सुबह से ही बढ़त का सिलसिला जारी है। खबर लिखे जाने तक इसका 2 रुपए अंकित मूल्य का शेयर बीएसई में 3.14 फीसदी बढ़कर 68.90 रुपए और एनएसई में 3.15 फीसदी बढ़कर 68.70 रुपए पर पहुंच गया था। असल में इसे भारतीय सेना से 500 करोड़ रुपए का लाइफटाइम ऑर्डर मिला है। इसकी आधिकारिक घोषणा आज शाम तक होने की उम्मीद है। साथ ही कंपनी में एल एंड टी कैपिटल अपनी इक्विटीऔरऔर भी

कल और आज में कुछ खास नहीं बदला है। बाजार के ऊपर रहने की कोई वजह नहीं थी। लेकिन हुआ यह कि डे ट्रेडरों ने अमेरिकी बाजार की हालत पस्त देखकर एकदम निचले स्तर पर शॉर्ट सेलिंग कर ली और फिर कवरिंग के चक्कर में उल्टी धारा में फंस गए। निफ्टी को करेक्शन के साथ 5140 तक जाना चाहिए ताकि बाजार ज्यादा सार्थक और स्वस्थ स्तरों पर आ सके। हमें कोई भी नई खरीद करने से पहलेऔरऔर भी

ए ग्रुप के शेयर अब थोड़ा आराम करेंगे और इनमें से वही विशेष शेयर चलेंगे जिनमें कोई नया समाचार आएगा। बाजार के स्टार परफॉर्मर होंगे अब बी ग्रुप के शेयर। गिलैंडर्स, गल्फ ऑयल और विमप्लास्ट जैसे शेयरों में वोल्यूम का धमाका हो सकता है। हो सकता है जब साल भर बाद इन शेयरों के मूल्य कई गुना हो जाएं तब आप वीआईपी की तरह बात करेंगे और एफआईआई खरीदार होंगे। इस समय तो ऑपरेटरों ने इनके बाजारऔरऔर भी

पिछले कुछ महीनों से उठे गुबार के बाद थोड़े-से भी जानकार निवेशकों में यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस पोडक्ट) को लेकर इतनी हिकारत पैदा हो गई है कि वे इसमें पैसा लगाना सरासर बेवकूफी समझते हैं। आम धारणा यही है कि बीमा लेना हो तो टर्म इंश्योरेस लेना चाहिए और निवेश का लाभ लेना हो तो सीधे म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना चाहिए। इन दोनों के घालमेल यूलिप में पैसा लगाने का मतलब सिर्फ एजेंट की जेब भरनाऔरऔर भी

ब्याज दरें नहीं बढ़ीं तो जैसी कि उम्मीद थी, बाजार एक नई ऊंचाई की तरफ बढ़ रहा है। अब यह पक्का है कि निफ्टी 5500 और 5700 का स्तर छू लेगा। ए ग्रुप के शेयरों में वापसी तुलनात्मक रूप से धीमी रहेगी। आप ही देखिए कि जीटीएल इंफ्रा में इतनी बड़ी खबर आने के बावजूद शेयर 54.40 तक जाने के बाद 47 रुपए के आसपास बंद हुआ। हालांकि इस स्टॉक में दीर्घकालीन संभावना अब भी बरकरार है।औरऔर भी

तेल कीमतों पर नियंत्रण हटाने के सरकारी फैसले के बावजूद बाजार गिर कर बंद हुआ। हालांकि सभी तेल कंपनियों के शेयर 10-15 फीसदी बढ़ गए। मीडिया में आई खबर के मुताबिक खुफिया विभाग (आईबी) ने इसी हफ्ते ऑयल स्टॉक्स पर बिग बुल्स की गिरफ्त की सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भेजी थी। फिर भी इसी हफ्ते में तेल मूल्यों से नियंत्रण हटाने का फैसला हो गया। इसका मतलब यह हुआ कि सरकार ने बिना इसका इंतजार किएऔरऔर भी