चीन में ब्लॉगरों की अनुमानित संख्या सात करोड़ पर पहुंच गई है। चीन की आबादी अभी करीब 135 करोड़ है। इसमें से 20 फीसदी 14 साल से नीचे के बच्चे हैं। इस तरह 15 साल या इससे ऊपर के चीनियों की संख्या 108 करोड़ है। इसका मतलब हुआ कि चीन में समझदार हो चुके हर पंद्रह लोगों में से एक शख्स ब्लॉगिंग कर रहा है। असल में चीन के पारंपरिक मीडिया में केवल रसूख वाले लोगों केऔरऔर भी

दुनिया के सबसे बड़े निवेशक जॉर्ज सोरोस का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार में चल रही तेजी में अगर कोई रुकावट है तो वह है मुद्रास्फीति का मंडराता खतरा। रिजर्व बैंक ने ब्याज दरें बढ़ाकर इसी खतरे का कम करने की कोशिश की है। मौद्रिक नीति की दूसरी त्रैमासिक समीक्षा के बीच में रिजर्व बैंक ने गुरुवार को रेपो दर 0.25 फीसदी बढ़ाकर 6 फीसदी और रिवर्स रेपो दर को 0.50 फीसदी बढ़ाकर तत्काल प्रभाव सेऔरऔर भी

125 अरब डॉलर कोई मामूली रकम नहीं होती। 2007-08 में देश का कुल निर्यात 163 अरब डॉलर का रहा है। लेकिन वॉशिंगटन की एक रिसर्च संस्था ग्लोबल फाइनेंशियल इंटेग्रिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2000 से 2008 के बीच भारत से 125 अरब डॉलर का जनधन बाहर निकला है। यह धन राजनेताओं ने भ्रष्टाचार से हासिल किया था और छिपाने के लिए वे इसे विदेश में ले गए। संस्था की अर्थशास्त्री कार्ली करसियो ने अपने ब्लॉगऔरऔर भी

कृषि और गैर-कृषि क्षेत्र में आय सृजन के बीच एक तरह का संरचनागत या बुनावटी असंतुलन और बेमेल है जिस तत्काल दूर करना जरूरी है। यह मानना है कृषि राज्यमंत्री प्रो. के वी थॉमस का। उन्होंने बुधवार को प्रोसेस्ड फूड, एग्री बिजनेस व बेवरेजेज पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मलेन की शुरुआत में कहा कि कृषि हमारे देश में 58 फीसदी से ज्यादा आबादी के लिए जीविका का मुख्य स्रोत है, लेकिन जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) मेंऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मानें तो देश की आर्थिक विकास दर कुछ सालों में के 9 से 10 फीसदी तक पहुंच जाने का अनुमान है। वे बुधवार को नई दिल्ली में एक सरकारी समारोह में बोल रहे थे। लेकिन उनका कहना था कि अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में उत्पादकता को विस्तार देने के लिए ’खामियां’ दूर करने की कोशिश होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते कुछ सालों में देश का आर्थिक प्रदर्शन ‘प्रभावशाली’ रहा है। देशऔरऔर भी

रमेश की व्यथा-कथा जारी है। कितने अफसोस की बात है कि उसने मेडिक्लेम करा रखा था जिसमें कैशलेस हास्पिटलाइजेशन की सुविधा थी। फिर भी बीमारी का खर्च उसने अपनी जेब से भरा। इसके बाद भी टीपीए (थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर) उसके क्लेम दिलाने में आनाकानी करता रहा। टीपीए बीमा कंपनी और बीमित के बीच का दलाल होता है जनाब। और, दलालों की हरकत और फितरत तो आप जानते ही होंगे। तो, अब कहानी आगे की… रमेश ने हफ्तेऔरऔर भी

देश के सारे गांवों को साल 2015 तक मोबाइल बैंकों से जोड़ देने की योजना है। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के सी चक्रबर्ती के मुताबिक अगले पांच सालों में हर गांववासी को वित्तीय सेवाओं के दायरे में शामिल कर लिया जाएगा। उन्होंने रविवार को वाराणसी में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। बता दें कि अभी देश की वयस्क आबादी के केवल 40 फीसदी हिस्से तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच सकी हैं। श्री चक्रबर्ती नेऔरऔर भी

सरकारी गोदामों में सितंबर की शुरुआत में गेहूं चावल का 5.02 करोड़ टन का खाद्यान्न भंडार मौजूद था जो कि सरकारी बफर स्टॉक नियमों की तुलना में करीब दोगुना भंडार है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के ताजा आंकडों के अनुसार एक सितंबर 2010 को उसके गोदामों में 2.04 करोड टन चावल और 2.98 करोड टन गेहूं का भंडार मौजूद था। निर्धारित बफर स्टॉक नियम के अनुसार हर साल एक अक्तूबर को उसके गोदाम में गेहूं और चावलऔरऔर भी